बदायूँ में डीआईजी ने की कानून-व्यवस्था की समीक्षा, भर्ती परीक्षा व अपराध नियंत्रण को कड़े निर्देश
बदायूं। बरेली परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अजय कुमार साहनी ने शुक्रवार को बदायूं जनपद का दौरा कर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं आगामी आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा-2025 की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों के साथ बैठक कर अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध रोकथाम तथा भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।पुलिस लाइन सभागार में आयोजित समीक्षा गोष्ठी में डीआईजी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा की उपस्थिति में जनपद की कानून एवं शांति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा जनता को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण न्याय दिलाना सभी पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष ध्यान दें।बैठक में डीआईजी ने लुटेरे, चोर, हिस्ट्रीशीटर, टॉप-10 अपराधी, इनामी बदमाश तथा गंभीर अपराधों में संलिप्त अपराधियों की निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर एक्ट के अभियोगों में अपराधियों की अवैध संपत्तियों को चिह्नित कर धारा 14(1) के अंतर्गत जब्तीकरण की कार्रवाई तेज की जाए। इसके साथ ही अवैध शस्त्र निर्माण, मादक पदार्थों की तस्करी, शराब, जुआ-सट्टा एवं गोकशी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।डीआईजी ने लंबित विवेचनाओं और प्रार्थना पत्रों की समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का विधिसम्मत और त्वरित निस्तारण किया जाए तथा फरियादियों के साथ संवेदनशील एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखा जाए। महिला अपराधों को लेकर उन्होंने विशेष गंभीरता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।बैठक के दौरान मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। डीआईजी ने महिला हेल्पडेस्क, एंटी रोमियो टीम, शक्ति दीदी और महिला बीट आरक्षियों को गांवों, मोहल्लों, स्कूलों, कॉलेजों एवं कोचिंग संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं को हेल्पलाइन नंबरों, आत्मरक्षा और कानूनी अधिकारों की जानकारी देने पर विशेष बल दिया।
साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए डीआईजी ने साइबर जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के सर्राफा बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, मुख्य चौराहों एवं महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रयास करने को कहा।बैठक में आगामी आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती लिखित परीक्षा-2025 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। डीआईजी ने परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए संबंधित क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को तत्काल नियंत्रित करने के निर्देश दिए।बैठक के बाद डीआईजी अजय कुमार साहनी ने जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ कछला गंगा घाट का भ्रमण एवं निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने घाट क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंधों को और मजबूत बनाने तथा जनसुविधाओं को बेहतर करने पर जोर दिया।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डीआईजी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के साथ पुलिस लाइन परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और वृक्षारोपण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है तथा प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
अपने दौरे के अंतिम चरण में डीआईजी थाना बिनावर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रभारी निरीक्षक कक्ष के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण किया। इसके उपरांत उन्होंने मिशन शक्ति केंद्र का उद्घाटन किया। इस केंद्र के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा, सहायता और जागरूकता से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। डीआईजी ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना पुलिस विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और मिशन शक्ति केंद्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभिषेक कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया, क्षेत्राधिकारी नगर रजनीश कुमार उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी उझानी सुनील कुमार सिंह सहित जनपद के समस्त थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।















































































