वजीरगंज/बदायूं। जिला बदायूं और बरेली की सीमा पर स्थित एक पीपल का पेड़ इन दिनों श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार पीपल की एक मोटी टहनी पर अचानक तीन दिव्य आकृतियां उभर आई हैं, जिन्हें श्रद्धालु शनिदेव महाराज, हनुमान जी और ब्रह्मदेव महाराज का स्वरूप मान रहे हैं। इन आकृतियों के दर्शन के लिए 21 मई से लगातार श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं।जिला बरेली की तहसील क्षेत्र के गोठा खंडुआ तथा जिला बदायूं के थाना वजीरगंज क्षेत्र की बगरैन पुलिस चौकी के अंतर्गत बरखेड़ा गांव के बीच स्थित खेत में यह पीपल का पेड़ है। खेत स्वामी पंडित सचिन शर्मा ने बताया कि 21 मई को दोपहर लगभग 12 बजकर 36 मिनट पर उनकी तथा गांव बरखेड़ा निवासी वीरलाल लोधी राजपूत की नजर अचानक पेड़ की एक मोटी टहनी पर पड़ी। वहां उन्हें तीन अलग-अलग आकृतियां दिखाई दीं, जिन्हें लोगों ने शनिदेव महाराज, हनुमान जी और ब्रह्मदेव महाराज का स्वरूप बताया। इस खबर के फैलते ही आसपास के गांवों सहित दूरदराज क्षेत्रों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचने लगे। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग यहां पूजा-अर्चना कर रहे हैं तथा प्रसाद चढ़ाकर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां आने वाले लोगों पर बाबा की विशेष कृपा बरस रही है और कई लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की चर्चाएं भी क्षेत्र में सुनने को मिल रही हैं। हालांकि इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन क्षेत्र में इसे आस्था और श्रद्धा का विषय माना जा रहा है। पीपल का यह पेड़ अब आसपास के गांवों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है।