वन मंत्री डॉ अरुण लेटर बम के बाद अब बिजली कटौती और लो- वोल्टेज पर हुए सख्त, 15 दिन में समाधान के निर्देश
बरेली । उत्तर प्रदेश के वन मंत्री डॉ अरुण कुमार लेटर बम के बाद अब बिजली कटौती और लो- वोल्टेज पर हुए सख्त हुए और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए 15 दिन में बिजली समस्या समाधान के निर्देश भी दिए । साथ ही बिजली के बंच केबल की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए। विजिलेंस टीम पर भी पार्षदों ने गंभीर आरोप लगाए । वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ अरुण कुमार की अध्यक्षता में नगर निगम के पार्षदगण तथा विद्युत विभाग के अधिकारियो के साथ बिजली सम्बन्धी समस्याओं को लेकर सर्किट हाउस स्थित सभागार में बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वहअपना रवैया एवं व्यवहार सुधार कर जनता की बात एवं फोन सुनकर समस्या का हल निकालें।बैठक में वन मंत्री ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्याओं तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बंधित अधिकारियों को उक्त समस्याओं को यथाशीघ्र निस्तारण करने के भी निर्देश दिए।
मंत्री डॉ अरुण कुमार ने निर्देश दिए कि निर्बाध एवं नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने, खराब ट्रांसफार्मर एवं खराब विद्युत लाइनों का शीघ्र सुधार कराने, शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं उत्तरदायी बनाने तथा बिजली कटौती का स्पष्ट शेड्यूल जारी कर उसका कड़ाई से पालन कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बिजली संबंधी शिकायतों के लिए टोल- फ्री नंबर 1912 पर प्राप्त शिकायतों का निपटारा 48 घंटे में किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में बिजली चोरी और लाइन लॉस ज्यादा है वहां विशेष अभियान चलाकर कार्यवाही भी की जाए।
वन मंत्री डॉ अरुण कुमार ने कहा, ‘‘गर्मी का मौसम के दृष्टिगत निर्बाध बिजली मिलनी चाहिए। यह सरकार की प्राथमिकता है। सम्बंधित अधिकारी फील्ड में उतरकर काम करें, सिर्फ कागजों पर नहीं।‘‘
बैठक में अवगत कराया गया कि विद्युत विभाग द्वारा आम जनमानस का फोन ना उठाना एक बड़ी समस्या हो गयी है जिस पर विद्युतविभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फोन उठाकर जो भी स्थिति हो उसे बताया जाए।
इस बैठक में पार्षदगण द्वारा अपने- अपने क्षेत्र की समस्याएं बताई गई। जिसमें से सर्वप्रथम विधुत विभाग के अधिकारियो का फोन ना उठने की मुख्य समस्या बताई गयी। इसके अतिरिक्त पोल बदलने, नाले के ऊपर ट्रांसफार्मर रखा होने, बिजली के आभाव में पानी की भी दिक्कत होने, कई पोल गल गए हैं गिरने की कगार पर हैं, उन्हें बदलवाने, 11 हजार की पुरानी लाइन को हटाने, लकड़ी की बल्लियों पर तार खींचे हैं उन्हें पोल पर करवाने आदि समस्याएं रखी गयी।बैठक में बंच केबल की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए तथा विजिलेंस टीम पर भी गंभीर आरोप लगाए गए।
विद्युत विभाग द्वारा बताया गया कि विद्युत के पोलों पर इंटरनेट केबिलों के बंच लगा दिए गए हैं, जिससे पोल पर अतिरिक्त वजन रहा है और लाइनमैन को सीढ़ी लगाने में समस्या आती है।बैठक में लाइन फाल्ट लोकेटर मशीन को सही कराने तथा लाइनमैन की संख्या बढ़ाये जाने के लिए कहा गया।बैठक में मंत्री अरुण कुमार ने कहा कि कुछ दिनों से बिजली की हालत काफी खराब है। इसलिए यह बैठक बुलाई गई। उन्होंने कहा कि जैसे जीवन के लिए पानी जरूरी है वैसे ही बिजली भी जरूरी हो गयी है। उन्होंने विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि स्टाफ की कमी को दूर करें। फोन जरूर उठाएं तथा सभी अधिकारियों के पास अपने क्षेत्र के पार्षद का नम्बर अवश्य होना चाहिए। फोन ना उठा पाए तो वापस बैक कॉल करें। उन्होंने निर्देश दिए कि बंच केवल की गुणवत्ता की जांच करायी जाए। बार- बार टूटना व आग लगना उचित नहीं है। जहां भी गले हुए पोल हैं उन्हें बदलवाया जाए। जब कोई हादसा हो तब जगाने से बेहतर है कि पहले से पोल बदलवा लिए जाएं और विद्युत चोरी भी रोकी जाए। मंत्री जी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों निर्देश दिए कि 15 दिन में उक्त समस्याओं का निस्तारण कराया जाए।मुख्य अभियंता मध्यांचल विद्युत वितरण विभाग ने बताया कि विगत कुछ समय से लाइट की समस्या सब जगह है। स्टाफ की कमी थी, जिस पर मुख्य अभियंता के कहने पर अतिरिक्त गैंग लगा दी गयी है। उन्होंने कहा कि फोन नहीं उठाना गलत बात है, फोन उठाना चाहिए।बैठक में विधायक कैंट संजीव अग्रवाल, शहर के पार्षदगण, जिलाधिकारी अविनाश सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर अविनाश त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, मुख्य अभियंता मध्यांचल विद्युत वितरण विभाग मनीष गुप्ता, मुख्य अभियंता विद्युत विभाग ज्ञान प्रकाश सहित विद्युत विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे। निर्भय सक्सेना















































































