बदायूँ के राजकीय महाविद्यालय में नशा मुक्ति के लिए शपथ दिला कर रैली निकाली गई
बदायूं। राजकीय महाविद्यालय, आवास विकास में प्राचार्या लेफ्टिनेंट डॉ. श्रद्धा गुप्ता के निर्देशन और प्रो. डॉ. अनिल कुमार (गणित) के नेतृत्व में राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा नशा मुक्ति अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों — डॉ. ज्योति बिश्नोई, डॉ. सतीश सिंह यादव, डॉ. संजय कुमार एवं डॉ. प्रेमचंद चौधरी ने किया।
कार्यक्रम का आरंभ सभी छात्र-छात्राओं द्वारा नशा मुक्ति के शपथ ग्रहण से हुआ। तत्पश्चात छात्र-छात्राओं ने नशा मुक्ति जागरूकता रैली निकालकर नागरिकों को संदेश दिया। रैली में कॉलेज के अनेक छात्र एवं अध्यापक उपस्थित रहे और उन्होंने नशामुक्ति के नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया।प्रो. डॉ. अनिल कुमार (गणित) ने रैली के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा हमारे देश में एक गंभीर समस्या बन चुका है और इसकी प्रवृत्ति से युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ता जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस अभिशाप के खिलाफ जागरूकता फैलाएं।एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सतीश सिंह यादव ने कहा कि नशा किसी का दुख-दर्द कम नहीं करता, बल्कि इसकी लत व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक अस्तित्व को समाप्त कर देती है। डॉ. ज्योति बिश्नोई ने कहा कि नशा मुक्ति के लिए मजबूत इच्छा शक्ति और सही मार्गदर्शन आवश्यक है तथा परिवार और समाज का सहयोग भी अनिवार्य है। डॉ. संजय कुमार ने विशेष रूप से शिक्षित समाज से अपील की कि मादक पदार्थों के सेवन के दुष्प्रभावों के बारे में जन-जन को जागरूक करें और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखें। डॉ. प्रेमचंद चौधरी ने बताया कि नशे के लगातार सेवन से व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता भी प्रभावित होती है और यह सर्वथा हानिकारक है।कार्यक्रम में वीर बहादुर, गौरव कुमार सहित कई विद्यार्थियों ने शपथ ग्रहण में भाग लिया और नशा मुक्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। रैली व कार्यक्रम में नेहा, शीतल, तपस्या, मुस्कान, साहिबा, ईफा, वैष्णवी शर्मा, वैष्णो देवल, मनीषा, अंजू, ज्योति सागर, गुंजन, गायत्री, अजय, राजीव, मोहित कुमार, कोमल, मंजू, काजल, दिव्या आदि छात्र एवं छात्राएँ मौजूद रहे।कॉलेज प्रशासन ने बताया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि युवाओं में नशा मुक्ति के प्रति सतत् जागरण बना रहे और समाज में सकारात्मक बदलाव आए।















































































