बाबा इन्टरनेशनल स्कूल में मदर्स मीट हुई,विभिन्न मनोरंजक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियाँ हुई
बिल्सी।बाबा इन्टरनेशनल स्कूल में मदर्स मीट कार्यक्रम का बड़े ही धूम धाम से आयोजन किया गया | कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय चेयरमैन नरेन्द्र बाबू वार्ष्णेय, चेयरपर्सन कमलेश वार्ष्णेय, डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय एवं विद्यालय निदेशिका साधना वार्ष्णेय व विद्यालय प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी ने दीप प्रज्जवलन तथा माँ सरस्वती की आराधना के साथ किया। इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं को विद्यालय से जोड़ना तथा बच्चों के समग्र विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना था। विद्यालय परिसर को आकर्षक सजावट से सजाया गया था, जिससे वातावरण अत्यंत उत्साहपूर्ण और आनंदमय बन गया। सभी माताओं ने बैंगनी (Purple) थीम के अनुरूप अपनी उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न मनोरंजक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें रैम्प वॉक मुख्य आकर्षण रहा। माताओं ने अपने बच्चों के साथ समान फेस मास्क पहनकर आत्मविश्वास एवं उत्साह के साथ रैम्प पर प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने खूब सराहा। इसके अतिरिक्त, कई रोचक खेलों एवं गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिनमें माताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। जिसमें श्रेष्ठ तीन माताओं को पुरस्कृत किया गया | जिसमे बेस्ट मदर मानसी जैन चुनी गयीं | बेस्ट मदर को सैश व क्राउन पहनाकर सम्मानित किया गया |इन गतिविधियों ने न केवल मनोरंजन प्रदान किया, बल्कि माताओं के बीच आपसी सहयोग एवं सौहार्द को भी मजबूत किया।

विद्यालय चेयरमैन नरेन्द्र बाबू वार्ष्णेय ने कहा कि एक बच्चे को जन्म देने से लेकर उसे एक अच्छा इंसान बनाने तक सभी पड़ावों में माँ अपने बच्चों के जीवन में बहुत अहम भूमिका निभाती है। ये केवल माँ ही है जो अपने बच्चे के चरित्र और पूरे जीवन को आकार देती है। समाज में माँ के ऐसे उदाहरणों की कमी नहीं है, जिन्होंने अकेले ही अपने बच्चों की जिम्मेदारी निभाई। मातृ दिवस सभी माताओं का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है।विद्यालय डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय एवं विद्यालय निदेशिका साधना वार्ष्णेय ने कहा कि सभी माँ अपने बच्चे की वृद्धि और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं। वह हर एक चीज का ध्यान रखती हैं जो उसके बच्चे की जरूरत हो। मातृ दिवस समाज में माताओं के प्रभाव व सम्मान का उत्सव है। मातृत्व की छाया में माँ न केवल अपने बच्चों को सहेजती है बल्कि आवश्यकता पडने पर उसका सहारा बन जाती है। भगवान हर जगह हमारे साथ नहीं रह सकते इसलिए उन्होनें माँ के रूप में अपनी सबसे प्यारी छवि को हमारे पास भेजा है। इसलिए हमें हमेशा अपनी माँ को प्यार और सम्मान देना चाहिए तथा उनकी हर बात को मानना चाहिए।प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी ने सभी माताओं का आभार व्यक्त करते हुए उनके सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन अभिभावकों और विद्यालय के बीच संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैंइस अवसर पर विद्यालय प्रशासक अमित माहेश्वरी तथा समस्त विद्यालय परिवार मौजूद रहा।















































































