ऑनलाइन दवा बिक्री और भारी डिस्काउंट के विरोध में उतरे दवा व्यापारी, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
बरेली। ऑनलाइन दवा बिक्री और भारी छूट के खिलाफ जिले के दवा व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। रिटेल केमिस्ट वेलफेयर सोसायटी (उ.प्र.) के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि ऑनलाइन कंपनियों की मनमानी छूट से छोटे दवा व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है और इससे जनस्वास्थ्य व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।संस्था के अध्यक्ष विजय कुमार श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन में कहा कि विभिन्न ऑनलाइन कंपनियां रिटेल दवा लाइसेंस के माध्यम से भारी डिस्काउंट देकर दवाओं की बिक्री कर रही हैं, जबकि सामान्य मेडिकल स्टोर संचालकों को ब्रांडेड दवाओं पर केवल 23 से 25 प्रतिशत तक ही व्यापारिक मार्जिन मिलता है। ऐसे में छोटे और मध्यम दवा विक्रेताओं के लिए असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति बन गई है।ज्ञापन में यह भी सवाल उठाया गया कि क्या ऑनलाइन दवा विक्रेता दवा अधिनियम और लाइसेंस नियमों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं, क्या प्रत्येक बिक्री में वैध चिकित्सकीय पर्चा और फार्मासिस्ट की निगरानी सुनिश्चित की जा रही है तथा क्या भारी डिस्काउंट के जरिए बाजार व्यवस्था को प्रभावित किया जा रहा है। संस्था का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में हजारों स्थानीय मेडिकल स्टोर और उनसे जुड़े रोजगार प्रभावित हो सकते हैं।संस्था के सचिव मुनीश प्रजापति ने कहा कि दवा केवल व्यापारिक वस्तु नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी संवेदनशील सेवा है। स्थानीय दवा विक्रेता वर्षों से लोगों को आपातकालीन और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराते आ रहे हैं। इसलिए ऑनलाइन बिक्री व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण और समान व्यापारिक नियम लागू किए जाने की आवश्यकता है।संस्था ने ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें ऑनलाइन दवा बिक्री व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच, ऑनलाइन और ऑफलाइन दवा विक्रेताओं के लिए समान नियम, अत्यधिक डिस्काउंट नीति पर नियंत्रण, दवा अधिनियम का कड़ाई से पालन तथा छोटे दवा व्यापारियों के हितों की सुरक्षा शामिल है।संस्था के अनुसार 20 मई को जिलेभर के दवा विक्रेताओं ने सांकेतिक विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। हालांकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी मेडिकल स्टोर खुले रखे गए।















































































