नव ऊर्जा और नई दिशा के साथ आगे बढ़ेगा स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय
शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में शनिवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक अध्याय की शुरुआत हुई, जब प्रख्यात शिक्षाविद् एवं प्रशासनिक अनुभव से समृद्ध प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने विश्वविद्यालय के कुलपति पद का विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। पूर्वान्ह 11:30 बजे विश्वविद्यालय पहुँचे कुलपति महोदय ने सर्वप्रथम ब्रह्मलीन स्वामी शुकदेवानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजन किया। तदुपरांत उन्होंने मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके उपरांत उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति के रूप में कार्यभार ग्रहण कर विश्वविद्यालय की प्रशासनिक प्रगति का एक कदम आगे बढ़ाया। कार्यभार ग्रहण समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में गरिमा एवं हर्षोल्लास से परिपूर्ण वातावरण देखने को मिला। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने नवागत कुलपति का आत्मीय स्वागत किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार एवं नैतिक मूल्यों के केंद्र के रूप में स्थापित करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, आधुनिक शिक्षा प्रणाली तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय पर विशेष बल दिया।उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार है। विश्वविद्यालय को प्रगति के शिखरों तक पहुँचाने के लिए शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के सामूहिक सहयोग की आवश्यकता है।लबा शिक्षण, शोध एवं प्रशासनिक अनुभवविश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति महोदय के पास 35 वर्ष से अधिक समय का शिक्षण, शोध एवं प्रशासनिक अनुभव है। कुलपति नियुक्त होने से पूर्व वे महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन संकाय में प्रोफेसर एवं डीन के पद पर कार्यरत थे। शोध के क्षेत्र में उनके द्वारा विविध विषयों पर 110 से अधिक शोधपत्र, अनेक शोध परियोजनाएं एवं विदेश यात्राएं पूर्ण की गई हैं। 100 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में प्रतिभाग कर चुके प्रो पी बी सिंह ने शिक्षण एवं शोध को लेकर दुबई, ओमान, अबूधाबी, इथियोपिया, श्रीलंका, थाईलैंड, उज़्बेकिस्तान एवं नेपाल समेत विभिन्न देश की यात्रा की है। इसके अतिरिक्त उन्होंने रुहेलखंड विश्वविद्यालय में विभिन्न प्रशासनिक भूमिकाओं का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है। साथ ही वे विभिन्न शैक्षिक व सामाजिक संगठनों से सक्रिय रूप से जुड़े हैं।
सहायक कुलसचिव भी हुए नियुक्त
कुलपति की नियुक्ति के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव के रूप में श्री रामबाबू केसरवानी ने भी कार्यभार ग्रहण किया। ज्ञात हो कि केसरवानी इससे पूर्व लखनऊ विश्वविद्यालय में कार्यरत थे।य रहे उपस्थितइस अवसर पर कुलसचिव श्री वीरेंद्र कुमार मौर्य, पूर्व प्राचार्य प्रो अवनीश मिश्र, प्राचार्य प्रो आर के आजाद, कुलपति जी की धर्मपत्नी डॉ मंजुला सिंह, उपप्राचार्य प्रो अनुराग अग्रवाल, डॉ जे एस ओझा, जी एफ कॉलेज के प्राचार्य डॉ मोहसिन हसन खान, प्रो प्रभात शुक्ला, प्रो मीना शर्मा, प्रो देवेंद्र सिंह, प्रो आलोक मिश्र, डॉ आलोक कुमार सिंह, डॉ शिशिर शुक्ला, रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली से डॉ संजय मिश्रा, डॉ तूलिका सक्सेना, डॉ त्रिलोचन शर्मा, डॉ सौरभ वर्मा, डॉ राम बाबू, डॉ मदन लाल, डॉ आशुतोष प्रिय, डॉ रुचि द्विवेदी, डॉ जे एन मौर्य, डॉ भूपेन्द्र सिंह, डॉ दयाराम, डॉ पंकज यादव, डॉ एन के बत्रा, डॉ होतम सिंह, डॉ हरीश भट्ट सहित विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ मौजूद रहे।















































































