शिक्षा ओर संस्कार समन्वित केंद्र बनेगा स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय : वीरेंद्र कुमार मौर्य
शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के प्रथम कुलसचिव वीरेंद्र कुमार मौर्य ने विश्वास व्यक्त किया है कि मुमुक्षु शिक्षा संकुल का आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक वातावरण भविष्य में स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श एवं मॉडल विश्वविद्यालय के रूप में प्रतिष्ठित करेगा।विश्वविद्यालय में एक भेंट के दौरान कुल सचिव श्री मौर्य ने अपने शैक्षिक जीवन एवं भावी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि उनका मूल निवास उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में है तथा इंटरमीडिएट तक की शिक्षा उन्होंने वहीं से प्राप्त की। इसके उपरांत उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा अर्जित की।
श्री मौर्य ने बताया कि इससे पूर्व वे चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक के महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन कर चुके हैं। प्रशासनिक अनुभव, शैक्षिक अनुशासन और पारदर्शिता को अपनी कार्यशैली का मूल आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में समयबद्ध प्रवेश प्रक्रिया, स्वच्छ एवं अनुशासित वातावरण तथा शुचितापूर्ण, नकलविहीन परीक्षाओं का सफल संचालन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचालित सभी पाठ्यक्रम जारी रहेंगे। साथ ही कुलपति, वरिष्ठ शिक्षकों एवं शिक्षाविदों के साथ विमर्श कर रोजगारपरक एवं कौशल-आधारित नवीन पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए जाएंगे, ताकि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता, रोजगार एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में सशक्त अवसर प्राप्त हो सकें।
कुल सचिव श्री मौर्य ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश का ऐसा विशिष्ट विश्वविद्यालय है, जहां केजी से लेकर पीजी तक की समग्र शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने इसे “भारतीय शिक्षा दर्शन की समन्वित परंपरा” का जीवंत उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे संस्थान का संचालन अपने आप में एक अद्वितीय एवं प्रेरणादायी अनुभव है।
मौर्य ने विश्वास व्यक्त किया कि आध्यात्मिक मूल्यों, नैतिक संस्कारों और आधुनिक शिक्षा के समन्वय से यह विश्वविद्यालय आने वाले समय में राष्ट्रनिर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार टीम भावना के साथ कार्य करते हुए संत परंपरा के महान विभूति स्वामी शुकदेवानंद जी के शिक्षा-संकल्प को साकार करने तथा स्वामी चिन्मयानंद जी की दूरदर्शी परिकल्पना को पूर्ण करने के लिए सतत प्रयासरत रहेगा।उन्होंने कहा कि शहीदों की धरा और आध्यात्मिक नगरी शाहजहांपुर के युवाओं के लिए यह सौभाग्य की बात है कि यहां पर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती जी के अथक प्रयासों और उप्र के माननीय मुख्यमंत्री जी के आशीर्वाद से यहां पर विश्वविद्यालय की स्थापना हुई है। अब यहां के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों की दौड़ नहीं लगानी होगी। उन्हें अपने ही शहर में शिक्षा के तमाम साधन उपलब्ध रहेंगे।















































































