बदायूँ के युवा शिक्षक तरुण राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित
बदायूँ।शैक्षिक नवाचार और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में बदायूँ के युवा शिक्षक तरुण कुमार ने राजधानी लखनऊ में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक समागम में ‘एन.एम.एम.एस.ई. गौरव सम्मान 2026’ प्राप्त कर संपूर्ण जनपद का गौरव बढ़ाया है। ‘सृजन’ संस्था द्वारा आयोजित इस गरिमामयी राज्य स्तरीय समारोह में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किया। तरुण ने एक रिकॉर्ड बनाया है वे उत्तर प्रदेश के सबसे कम उम्र (23 वर्ष) के शिक्षक बन गए हैं जिन्हें यह राज्य स्तरीय सम्मान मिला है।
शिक्षक तरुण कुमार द्वारा संचालित ‘ नुक्कड़ पाठशाला : द विज़न ’ के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMSE) में लगातार दो वर्षों से अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। वर्ष 2025 की परीक्षा में जहाँ इस पाठशाला के छात्रों ने जनपद में रैंक 1 अर्जुन (रोल नंबर – 0902108 )व रैंक 3 रोहित पाल (रोल – 0902188) स्थान प्राप्त किया था, वहीं वर्ष 2026 के हालिया परिणामों में रैंक 2 करन( रोल नंबर – 0903317) व रैंक 4 दीपक ( रोल नंबर – 0902345 ) स्थान पर सफलता का परचम लहराया।
इस प्रकार, दो वर्षों के भीतर जनपद की सभी शीर्ष चार रैंक पर इसी टीनशेड पाठशाला का एकछत्र आधिपत्य रहा है।
अभावों से राष्ट्रीय मंच तक : एक अनुकरणीय जीवन यात्रा -तरुण कुमार की यह सफलता उनके 6 वर्षों के कड़े व्यक्तिगत और आर्थिक संघर्षों का प्रतिफल है। उनकी मेधा को सर्वप्रथम बदायूँ के तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट (DM) दिनेश कुमार सिंह ने तब पहचाना था, जब तरुण को कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने पर उनके हाथों सम्मानित होने का अवसर मिला। इसके उपरांत, कक्षा 12वीं में अध्ययन के दौरान तरुण ने जिला, मंडल और राज्य स्तर की विभिन्न भाषण प्रतियोगिताओं में अपनी वक्तृत्व कला का लोहा मनवाते हुए कुल ₹83,000 की पुरस्कार राशि अर्जित की।आदर्श पुत्र और समर्पित शिक्षक का परिचय देते हुए, तरुण ने इस पुरस्कार राशि में से ₹80,000 की बड़ी धनराशि का उपयोग अपने पिता के ऋण (लोन) को चुकाने में किया। तत्पश्चात, शेष बची मात्र ₹3,000 की अल्प राशि से महज 17 वर्ष की आयु में उन्होंने ग्रामीण व वंचित वर्ग के बच्चों के लिए ‘नुक्कड़ पाठशाला’ की नींव रखी। आज यही टीनशेड पाठशाला राज्य स्तर पर अपनी सफलता की गूंज सुनवा रही है।
मुख्य अतिथि ने भावुक होकर किया याद
समारोह के मुख्य अतिथि और बदायूँ के पूर्व डी.एम. (सेवामुक्त आई.ए.एस.) दिनेश कुमार सिंह ने तरुण को मंच पर देखते ही उनकी पुरानी प्रतिभा को याद किया और उनके इस अभूतपूर्व जज्बे की सराहना करते हुए उन्हें ‘आधुनिक युवा ब्रह्मा’ की उपाधि दी। उन्होंने कहा कि तरुण उस टीनशेड में केवल बच्चों को पढ़ा नहीं रहें , बल्कि नये और बेहतर मानव गढ़ रहे हैं ।
इस समागम में तरुण द्वारा प्रतिपादित ‘लिटिल मास्टर टीचिंग मॉडल’ की भी व्यापक सराहना की गई। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों जैसे असम, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली आदि से आए शिक्षाविदों, राज्य सूचना आयुक्त श्री स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता और प्रबुद्ध जनों ने तरुण कुमार की इस प्रेरक यात्रा की सराहना करते हुए उन्हें बधाई संदेश प्रेषित किए हैं।















































































