शिखर इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस भव्यता के साथ मनाया गया, प्रेरणादायक कार्यक्रम हुए
बदायूँ। अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस के अवसर पर शिखर इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य — सशक्त नर्सें बचाती हैं जीवन” थीम के अंतर्गत भव्य, प्रेरणादायक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सिंग पेशे से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा भावना, समर्पण, अनुशासन एवं मानवता के प्रति उनके अमूल्य योगदान को सम्मानित करना रहा। कार्यक्रम में संस्थान के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, नर्सिंग स्टाफ एवं गणमान्य अतिथियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना नृत्य ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन नर्सिंग ट्यूटर राधा गौर एवं नर्सिंग छात्रा भूमि ने प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया।इस अवसर पर छात्राओं ने नर्स दिवस के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। नर्सिंग छात्रा हिरा बी ने कहा कि नर्सें केवल मरीजों की देखभाल ही नहीं करतीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में मरीजों और उनके परिवारों को मानसिक संबल भी प्रदान करती हैं। छात्रा स्वाति, सुगंध, सुदेश, रिदा, इंशा, काजल एवं गायत्री द्वारा कविता पाठ एवं प्रेरणादायक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रोल प्ले कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। प्रस्तुति में अस्पतालों में नर्सों की जिम्मेदारियों, सेवा भावना एवं मरीजों के प्रति उनके व्यवहार को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। इस अभिनय ने उपस्थित लोगों को भावुक एवं प्रेरित कर दिया।कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग ट्यूटर सुश्री प्रज्ञा सक्सेना ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन, संघर्ष एवं नर्सिंग क्षेत्र में उनके योगदान पर पीपीटी प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने आधुनिक नर्सिंग की नींव रखकर स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा प्रदान की।

इसके अतिरिक्त फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन पर आधारित एक लघु वीडियो भी प्रदर्शित किया गया, जिसे छात्र-छात्राओं ने रुचिपूर्वक देखा।सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में द्वितीय वर्ष की छात्राओं द्वारा समूह नृत्य प्रस्तुत किया गया। वहीं प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने कोविड-19 महामारी पर आधारित विशेष समूह नृत्य एवं अभिनय प्रस्तुत कर कोरोना काल में नर्सों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को जीवंत रूप में दर्शाया। प्रस्तुति ने सभी को भावुक कर दिया और सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संस्थान के डायरेक्टर राजन मेन्दिरत्ता, अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार वर्मा एवं ब्लॉक प्रमुख कादरचौक वीरेन्द्र राजपूत उपस्थित रहे।इस अवसर पर जिला महिला चिकित्सालय की ट्रेनिंग इंचार्ज सिस्टर मरियम चरन, जिला पुरुष चिकित्सालय की मैट्रन रीता सरन, ऊषा पाल, आईसीयू इंचार्ज अनु सिंह, सिस्टर इंचार्ज वंदना रानी, नर्सिंग ऑफिसर राजेश द्विवेदी, मानसी अग्रवाल, ज्योति, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उझानी की सिस्टर इंचार्ज विनी नोरिन टर्नर एवं ज्योति राजपूत के साथ-साथ शिखर नर्सिंग होम उझानी की नर्सिंग ऑफिसर पिंकी यादव एवं मानसी शर्मा को नर्सिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए स्मृतिचिन्ह एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न समाचार पत्रों के संपादकों एवं पत्रकारों को भी शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ होती हैं और किसी भी मरीज के उपचार में डॉक्टर के साथ-साथ नर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को मेहनत, अनुशासन एवं सेवा भावना के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।हीं संस्थान के डायरेक्टर राजन मेन्दिरत्ता ने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वोत्तम माध्यम है। नर्सें हर परिस्थिति में मरीजों की सेवा के लिए तत्पर रहती हैं और समाज में उनका योगदान सदैव सम्माननीय रहेगा।उत्साह, अनुशासन एवं प्रेरणादायक वातावरण के बीच संपन्न हुए इस कार्यक्रम में संस्थान परिवार ने सभी नर्सों को अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए उनके समर्पण, सेवा भावना एवं मानवता के प्रति योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।















































































