। थाना सुभाषनगर क्षेत्र के मढ़ीनाथ गणेश नगर में दबंगों की बर्बरता का शिकार हुई हाई स्कूल की छात्रा मधु ने एक महीने तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद आखिरकार दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना की शुरुआत 7 अप्रैल को बच्चों के मामूली विवाद और पड़ोस में रहने वाले किशनपाल के बेटे द्वारा घर के बाहर गंदगी फैलाने के विरोध से हुई थी। मृतका के पिता परशुराम के अनुसार, जब उनके परिवार ने गंदगी फैलाने पर आपत्ति जताई, तो आरोपी किशनपाल, उसका बेटा विकास, तरुण, किशनपाल की पत्नी किरन और एक अन्य अज्ञात लड़की ने घर में घुसकर हमला कर दिया। हमलावरों ने पहले उनकी भतीजी राधिका को बेरहमी से पीटा और जब परिजन घायल राधिका थाने लेकर गए और थाने से मेडिकल कराने जिला अस्पताल पहुंचे हुए थे, तभी आरोपियों ने घर में दोबारा घुसकर पीछे से मधु पर हॉकी और डंडों से प्राणघातक हमला कर उसे मरणासन्न कर दिया। मधु की हालत इतनी गंभीर थी कि उसे बरेली के अस्पताल में भर्ती कराने के बाद लखनऊ के लिए रेफर किया गया था, जहाँ वह करीब 25 दिनों तक कोमा में रहने के बाद वापस बरेली जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत की नींद सो गई। पीड़ित पिता का सीधा आरोप है कि मुख्य आरोपी किशनपाल एसएसपी का रसोइए (फॉलोवर) के पद पर तैनात है, जिसके प्रभाव और ऊँची पहुँच के कारण स्थानीय पुलिस मामले में हीलाहवाली कर रही है। परिजनों का दावा है कि पुलिस ने घटना के वक्त तीन आरोपियों को हिरासत में लिया था, लेकिन रसूख के चलते उन्हें कुछ ही घंटों में छोड़ दिया गया। परशुराम का कहना है कि उनके पास हमले के पुख्ता वीडियो साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं, फिर भी एक महीने से दरोगा जी उन्हें केवल आश्वासन दे रहे हैं और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। आज होनहार बेटी की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पीड़ित पिता ने हाथ जोड़कर प्रशासन से सभी नामजद आरोपियों में किशनपाल, विकास, तरुण और किरण की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की गुहार लगाई है।