बरेली। यूनिवर्सिटी रोड बाईपास स्थित अल हिंद अस्पताल की कथित लापरवाही के चलते पड़ोसी का मकान ढह गया। हादसे में एक बुजुर्ग दंपत्ति और उनका 13 वर्षीय पोता बाल-बाल बच गए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला।पीड़ित परिवार के अनुसार, 74 वर्षीय मुन्नू सिंह परमार का मकान अस्पताल की जर्जर और कथित अवैध दीवार गिरने से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के समय घर में उनकी 72 वर्षीय पत्नी और पोता मौजूद थे, जो मलबे की चपेट में आने से किसी तरह बच गए। परिवार का आरोप है कि यदि कुछ सेकंड की भी देरी होती तो बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था।मुन्नू सिंह परमार के पुत्र आशीष सिंह परमार ने आरोप लगाया कि अस्पताल संचालक डॉ. मोहम्मद मोइन बिना स्ट्रक्चरल ऑडिट और फायर सेफ्टी ऑडिट के अस्पताल का संचालन कर रहे हैं। उनका कहना है कि अस्पताल भवन की स्थिति लंबे समय से खराब थी, लेकिन प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की।पीड़ित परिवार ने घटना को “हत्या के प्रयास” जैसा गंभीर मामला बताते हुए डॉ. मोइन के खिलाफ कड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी और बरेली विकास प्राधिकरण से अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने और भवन को ध्वस्त कराने की मांग भी की गई है।परिवार का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।