बदायूँ में प्रसिद्ध भगवताचार्य मुमुक्ष कृष्ण दद्दा के सानिध्य में सनातन धर्म पर चिंतन मनन किया गया
बदायूं। मढई चौक स्थित दि कृष्णा पब्लिक स्कूल में रविवार को सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं की रक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध भगवताचार्य मुमुक्ष कृष्ण दद्दा जी महाराज का ओजस्वी संबोधन रहा, जिन्होंने सनातन धर्म की महत्ता, उसके वैश्विक संदेश और वर्तमान समय में उस पर हो रहे वैचारिक प्रहारों को लेकर विस्तार से अपने विचार रखे।बैठक में सर्वसम्मति से सनातनी अमित पांडेय को अखिल भारतीय सनातन धर्म कल्याण सभा का जिलाध्यक्ष घोषित किया गया। जैसे ही उनके नाम की घोषणा हुई, उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया। इस अवसर पर सनातन धर्म की रक्षा और समाज को संगठित करने का संकल्प भी लिया गया।बैठक का संयोजन कर रहे प्रसिद्ध भगवताचार्य मुमुक्ष कृष्ण दद्दा महाराज ने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता को जीवन जीने की दिशा देने वाला शाश्वत ज्ञान है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी संस्कृति, सभ्यता और सनातन परंपराओं से है। यदि सनातन कमजोर होगा तो राष्ट्र की आत्मा भी कमजोर हो जाएगी।दद्दा जी महाराज ने कहा कि आज के समय में योजनाबद्ध तरीके से भारतीय संस्कृति को विकृत करने और सनातन मूल्यों को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से काटने का प्रयास हो रहा है, जिससे सामाजिक विघटन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता इस बात की है कि समाज का प्रत्येक वर्ग एकजुट होकर सनातन धर्म के वास्तविक स्वरूप को समझे और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाए।

उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिकता अपनाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन अपनी संस्कृति और परंपराओं को भूल जाना सबसे बड़ा संकट है। उन्होंने कहा कि भारत विश्वगुरु तभी बन सकता है, जब वह अपने सनातन मूल्यों को मजबूत बनाए रखे।बैठक में डा. बैकुंठ नाथ शुक्ल ने सनातन धर्म के वैदिक रहस्यों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि वेद और उपनिषद केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन विज्ञान हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल आधार सत्य, करुणा, त्याग और मानव कल्याण है। सनातन धर्म सदैव विश्व शांति और मानवता की रक्षा का संदेश देता आया है।डा. जीवन सारस्वत ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि समाज में धार्मिक जागरूकता बढ़ाई जाए और युवाओं को भारतीय इतिहास एवं संस्कृति से परिचित कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समाज अपनी जड़ों से कट गया तो आने वाली पीढ़ियां अपनी पहचान खो देंगी।डा. शरद शंखधार ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया और आधुनिक संचार माध्यमों के जरिए भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे समय में सनातन धर्म के अनुयायियों को संयम और विवेक के साथ समाज को सही दिशा देने की आवश्यकता है।डा. शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सनातन धर्म ने सदैव “वसुधैव कुटुम्बकम” का संदेश दिया है। भारतीय संस्कृति पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की शिक्षा देती है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती नैतिक गिरावट को रोकने के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करना होगा।सामाजिक कार्यकर्ता नवल किशोर शर्मा ने कहा कि सनातन धर्म पर हो रहे वैचारिक हमलों को केवल चर्चा से नहीं बल्कि संगठन और जागरूकता से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव और शहर-शहर में धार्मिक चेतना जागृत करने की आवश्यकता है।गायत्री परिवार के एन.एल. शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत उसका अध्यात्म है। यदि समाज अध्यात्म से जुड़ा रहेगा तो कोई भी शक्ति उसे कमजोर नहीं कर सकती। उन्होंने लोगों से नैतिक शिक्षा और संस्कारों को परिवार में बढ़ावा देने की अपील की।बैठक में डा. मधु गौतम, डा. निशि अवस्थी और डा. कमला माहेश्वरी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति केवल परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की सर्वोत्तम पद्धति है। वर्तमान समय में संस्कृति और सभ्यता को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।इस दौरान अखिल भारतीय सनातन धर्म कल्याण सभा के नव नियुक्त जिलाध्यक्ष अमित पांडेय ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन के माध्यम से समाज में धार्मिक जागरूकता बढ़ाने, युवाओं को सनातन संस्कृति से जोड़ने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य किया जाएगा।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधक श्याम रस्तोगी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों को अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिलती है।बैठक में नगरपालिका परिषद के नामित सभासद केएल गुप्ता, पंकज शर्मा, डा. सत्यम शर्मा, उमेश शास्त्री, कथावाचक दीपक शंखधार, अवधेश श्रोत्रिय, रामौतार शर्मा, बालमुकुंद महेरे, राजेश शर्मा सहित भारी संख्या में सनातनी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर गंभीर मंथन होता रहा तथा समाज को एकजुट होकर सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करने का संदेश दिया गया।















































































