बरेली। देवबंद का नाम बदलकर देववृन्द किये जाने पर आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी शहर या जगह का नाम बदलने से वहां के रहने वालों की किस्मत नहीं बदल जाती, बल्कि लोगों की किस्मत उस वक्त बदलती है जब उस शहर के विकास और डेवलपमेंट का काम हो, बेरोजगार नौजवानों को रोजगार दिये जाये, छोटे बड़े उद्योग स्थापित किए जाए, किसानों को इनकी मेहनत व मशक्कत के बराबर अनाज की किमत अदा की जाए, शिक्षा व स्वास्थ्य की व्यवस्थाएं चुस्त दुरुस्त की जाए, तब जाकर कहीं लोगों की किस्मत चमक सकती है।मौलाना ने कहा कि देवबंद का नाम देववृन्द करने से किसी का भला नहीं हो सकता। शाहजहांपुर और मीरगंज का नाम बदलने वालो को इस घटना पर जरुर ध्यान देना चाहिए कि शाहजहांपुर शहर मे एक परिवार के छः लोगों ने सिर्फ भूख और गुरबत की वजह से फांसी लगा ली थी। मीरगंज मे एक किसान ने सिर्फ भूख और गुरबत की वजह से फांसी लगायी। इस तरह की घटनाएं देश को शर्मिन्दा करने वाली है, और उन लोगो के मुंह पर जोरदार तमाचा है जो लोग शहरों का नाम बदलने का आंदोलन चला रहे हैं। मौलाना ने ऐसे लोगों को ललकारते हुए कहा कि कभी इन घटनाओं पर उन लोगो ने ध्यान दिया? क्या कभी भूखे को खाना खिलाया। क्या कभी प्यासे को पानी पिलाया। सिर्फ नाम बदलने से कुछ नहीं होता, बल्कि काम करने से सबकुछ होता है।