बरेली। तहसील आंवला क्षेत्र के गांव इस्माईलपुर निवासी एक पीड़ित परिवार कार्रवाई न होने से आक्रोशित होकर सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में भूख हड़ताल पर बैठ गया। धरने पर राजेंद्र पाल पुत्र नन्कू, उनका बेटा दुर्वेश पाल और बेटी रेखा शामिल रहे। सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और पीड़ितों से ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।पीड़ित राजेंद्र पाल ने आरोप लगाया कि बीआरसी केंद्र पर मतदाता पंजीकरण कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात राजकुमार पुत्र नैपाल सिंह करीब 25 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत है और इस दौरान उसने अवैध तरीके से करोड़ों की चल-अचल संपत्ति अर्जित कर ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजकुमार क्षेत्र की भोली-भाली जनता से धन उगाही करता है तथा खनन माफियाओं से मिलीभगत कर अवैध खनन में संलिप्त है।आरोप है कि राजकुमार ने तहसील के कुछ कर्मचारियों से सांठगांठ कर ग्राम समाज की भूमि पर भी अवैध कब्जे कराए हैं। पीड़ित के अनुसार, इस संबंध में पूर्व में जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, साथ ही मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी प्रार्थना पत्र भेजा गया, लेकिन आरोप है कि मामले में झूठी रिपोर्ट लगाकर शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया। राजेंद्र पाल का कहना है कि शिकायत करने पर उन्हें और अन्य ग्रामीणों को धमकाया गया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे लोग भय के कारण गांव छोड़ने को मजबूर हैं। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच कराकर अवैध संपत्ति की जांच, ग्राम समाज की भूमि को कब्जामुक्त कराने और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।