भाकियू की पंचायत में गरजा किसानों का आक्रोश, कैसर अली पर दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष जांच की मांग
बदायूं। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक पंचायत में थाना बिनावर क्षेत्र के गांव ओझा के पूर्व प्रधान एवं सदर तहसील के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैसर अली को कथित झूठे मुकदमे में फंसाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। पंचायत के बाद किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए मालवीय आवास से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक जुलूस निकाला। मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान एसएसपी कार्यालय पहुंचे, जहां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा की ओर से उझानी क्षेत्राधिकारी (सीओ) को भेजकर ज्ञापन लिया गया। सीओ ने किसानों को आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और कोई भी निर्दोष जेल नहीं जाएगा। साथ ही गांव में खुली जांच कराने की बात भी कही गई।
पंचायत को संबोधित करते हुए मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि प्रशासन ने उनकी बात सुनी है और समझने का प्रयास किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कैसर अली को ग्रामीण राजनीति के चलते कई बार झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के संज्ञान लेने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
सदर तहसील अध्यक्ष अर्जुन सिंह ने कहा कि संगठन कभी गलत लड़ाई नहीं लड़ता और हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता है। उन्होंने कहा कि बेकसूर को न्याय दिलाना ही संगठन का उद्देश्य है और इस लड़ाई को पूरी जिम्मेदारी के साथ लड़ा जाएगा।
ब्लॉक अध्यक्ष सलारपुर पप्पू सैफी ने बताया कि पंचायत में ठोस निर्णय लिए गए हैं और उम्मीद जताई कि पुलिस प्रशासन ईमानदारी से काम करेगा, जिससे कैसर अली को न्याय मिल सके।
पंचायत के दौरान भारतीय किसान यूनियन अपने पुराने तेवर में नजर आई। मालवीय आवास व कचहरी परिसर किसानों के नारों से गूंज उठा। इस दौरान बड़ी संख्या में किसानों के साथ महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही।
इस अवसर पर साबिर हुसैन, सुरेश दीवान, छत्रपाल, लेखराज, पप्पू सागर, भगवान दास, नरेंद्र, तालिब, मुल्लाजी, निसार अहमद, धन देवी, कैकई, मुन्नी देवी, सदन, नदीम, छोटे अली, बाबूराम गुप्ता, अरुण, अरविंद, राजेंद्र सहित अनेक लोग मौजूद रहे।















































































