बरेली। हजरत शाहदाना वली दरगाह पर छोटे उर्स सत्तरवीं शरीफ के तीसरे दिन अकीदतमंदों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। कुत्बे ओलिया हजरत जलालुद्दीन सरकार सैय्यद शाहदाना वली की दरगाह पर सुबह गुस्ल शरीफ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद मजार मुबारक पर सन्दल पेश किया गया और दिनभर चादरपोशी व गुलपोशी का सिलसिला जारी रहा।इसी क्रम में शाहदाना वली वेलफेयर सोसाइटी के मुख्य संरक्षक डॉ. अनीस बेग, वसी अहमद वारसी सहित अन्य पदाधिकारियों ने दरगाह पर चादर पेश कर देश में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ की। दरगाह के मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां नूरी (बब्बू मियां) ने सभी की दस्तारबंदी कर उनका उत्साहवर्धन किया।असर की नमाज के बाद फनकार निजाम साबरी कलियरी ने रंग शरीफ पेश किया। इसके बाद कुल शरीफ की फातिहा की रस्म अदा की गई, जिसमें रिजवान रजा खां कादरी सहित अन्य सज्जादानशीनों ने देश में शांति और सौहार्द के लिए विशेष दुआ की।रात्रि 10 बजे से महफिल-ए-समां (कव्वाली) का आयोजन हुआ, जिसमें मोबीन नियाजी, रेहान इरफान, निजाम साबरी और फैजान सहित कलाकारों ने सूफियाना कलाम पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया। कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। दरगाह पर जायरीनों के लिए दिनभर लंगर की भी व्यवस्था रही।अमन कमेटी की प्रदेश उपाध्यक्ष सादिया गोस, अफसर खान, डॉ. सैयद शहाबुद्दीन सहित अन्य लोगों ने भी दरगाह पर चादरपोशी कर दुआएं मांगीं।मीडिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने जानकारी दी कि 7 अप्रैल को शाम 5:30 बजे हजरत केले शाह बाबा के कुल शरीफ की फातिहा अदा की जाएगी, जबकि रात 10 बजे से महफिल-ए-समां का आयोजन होगा।उर्स के सफल आयोजन में गफूर पहलवान, यूसुफ इब्राहिम, गुफरान, अब्दुल सलाम, तौसीफ खान, अबरार खान, जावेद खान सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।