बरेली। निजी स्कूलों में बढ़ते कोर्स शुल्क को लेकर शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कड़ा रुख अपनाया है। परिषद के जिलाध्यक्ष हरी शंकर ने जिलाधिकारी को ईमेल के माध्यम से शिकायत पत्र भेजकर इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पत्र में हरी शंकर ने बताया कि निजी स्कूल लगातार कोर्स व शुल्क में मनमानी वृद्धि कर रहे हैं, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के अभिभावकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कक्षा चार जैसे प्राथमिक स्तर पर भी 6500 से 7000 रुपये तक का महंगा कोर्स लागू किया जा रहा है, जो शिक्षा के मूल उद्देश्य के विपरीत है।उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है, लेकिन इसे व्यावसायिक लाभ का माध्यम बनाया जा रहा है, जो चिंता का विषय है। निजी स्कूलों की इस नीति से अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है और कई परिवार मानसिक व आर्थिक तनाव झेलने को मजबूर हैं।परिषद ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निजी स्कूलों के शुल्क व कोर्स पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। साथ ही शिक्षा व्यवस्था को सुलभ, पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने की अपेक्षा जताई गई है।यह मुद्दा अब केवल अभिभावकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के व्यापक वर्ग की चिंता का विषय बन चुका है। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो शिक्षा आम लोगों की पहुंच से दूर होती जाएगी।