बिल्सी, तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी में स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया ! अंतर्राष्ट्रीय वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने यज्ञ कराते हुए कहा “यदि आपको जीवन जीने का सही मार्ग मिल गया है तो समझ लो कि आपको हीरे मोती सोना मिल गया है । मनुष्य जीवन पाकर आदमी धन को ही अपने जीवन का लक्ष्य मान लेता है और उसी के पीछे सारा जीवन खो देता है । जो साथ नहीं जाएगा यहीं छूट जाएगा उसे ही जोड़ना और ज़ो धन साथ जाएगा इस लोक और परलोक में काम आएगा उसपर ध्यान ही न देना जीवन की सबसे बड़ी विफलता है । जो मनुष्य विद्या , तप , दान , यज्ञ , सेवा , स्वाध्याय , परोपकार रूपी धन कमाने का नित्य प्रयत्न करता है वही प्रभो को प्यारा होता है , संसार भी उसी को मान देता है । कु उर्वशी आर्य , तान्या आर्य , ने भजन गए । श्रीमती पूजा आर्य ने वेद मंजरी का पाठ किया । कार्यक्रम में श्रीमती कमलेश रानी , श्रीमती सूरजवती देवी , श्रीमती सरोज देवी , श्रीमती गुड्डू देवी , राकेश आर्य तथा आर्य संस्कार शाला के बच्चे मौजूद रहे ।