बदायूँ। उझानी रोड स्थित श्री संकटमोचन बालाजी दरबार में चार दिनों से चल रही संगीतमय श्रीराम कथा के अंतर्गत पंचम दिवस का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। कथा व्यास पं. दिनेश मोहन शास्त्री ने भगवान श्रीराम के चौदह वर्ष के वनवास पूर्ण करने, लंका विजय एवं रावण वध के पश्चात अयोध्या आगमन का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान के अयोध्या लौटने पर नगरवासियों ने उनका भव्य स्वागत किया और उनके कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ सहित अन्य ऋषि-मुनियों द्वारा विधि-विधान से उनका राज्याभिषेक (राजतिलक) किया गया। कथा के दौरान राम राज्य की आदर्श व्यवस्था का वर्णन करते हुए शास्त्री जी ने कहा कि राम राज्य वह व्यवस्था है, जहां न्याय, समानता और सभी के कल्याण की भावना निहित होती है। इस राज्य में कोई भी व्यक्ति दुखी, भूखा या असुरक्षित नहीं रहता तथा राजा स्वयं प्रजा के हित के लिए समर्पित रहता है। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा वर्णित आदर्श राजा के गुणों का भी उल्लेख किया, जिनमें धर्मशीलता, प्रजापालक होना, उदारता, दृढ़ स्वभाव और दानशीलता प्रमुख हैं। भगवान श्रीराम में ये सभी गुण विद्यमान थे, जो उन्हें आदर्श राजा बनाते हैं। इस अवसर पर प्रतिमा शर्मा, प्रवीण सक्सेना, ब्रजेश शास्त्रार्थ, अमित पाठक, राजकुमारी, संतोष दुआ, अलका, नीता, मंजू, संजू, ओमकार शर्मा, मितांशु, मोंटू सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।