बदायूँ। आज गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय एनएसएस शिविर का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस शिविर का विषय “पर्यावरण जागरूकता एवं सतत विकास” रखा गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती को पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन के साथ प्राचार्या प्रोफेसर सरला चक्रवर्ती द्वारा किया गया।इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरणीय संकट दिन-प्रतिदिन गंभीर होता जा रहा है, ऐसे में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे न केवल स्वयं जागरूक बनें, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करें।प्राचार्या महोदया ने सतत विकास (Sustainable Development) की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए बताया कि हमें प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग इस प्रकार करना चाहिए कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी वे सुरक्षित रह सकें। उन्होंने प्लास्टिक के उपयोग में कमी, जल संरक्षण, ऊर्जा की बचत तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण जैसे उपायों को अपनाने पर विशेष बल दिया।शिविर के दौरान एनएसएस की स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। साथ ही, इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गयाछात्राओं ने समूह बनाकर महाविद्यालय के आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण किया और स्थानीय नागरिकों को पर्यावरण से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों को स्वच्छता बनाए रखने, प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से बचने तथा हरित वातावरण को अपनाने के लिए प्रेरित किया।शिविर के अंत में सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांतों का पालन करेंगे तथा समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य निरंतर जारी रखेंगे।