उझानी : प्राथमिक विद्यालय सरौरा में अंतर्राष्ट्रीय प्रकाश दिवस पर “ज्ञान का प्रकाश” कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बच्चों ने प्रकाश के महत्व, शिक्षा, विज्ञान तथा मानव जीवन में उसकी उपयोगिता को जाना। वहीं गीत, कहानी, कविताएं प्रस्तुत कीं। प्रधानाध्यापिका मुन्नी देवी ने कहा कि प्रकाश अंधकार को दूर करने के साथ ज्ञान, विज्ञान, ऊर्जा और सकारात्मक सोच का प्रतीक भी है। गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार सूर्य का प्रकाश पूरी सृष्टि को ऊर्जा देता है, उसी प्रकार शिक्षा का प्रकाश मनुष्य के जीवन से अज्ञानता का अंधकार दूर करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में प्रकाश आधारित खोजों ने मानव जीवन को सरल और सुरक्षित बनाया है।अनुचर संतोष कुमार ने कहा कि ऊर्जा का संरक्षण और प्रकृति का संतुलन बनाने में हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। समाज में शिक्षा और जागरूकता का प्रकाश फैलाकर ही बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।बच्चों ने गीत, कहानी, कविताएं आदि प्रस्तुत कीं। छात्रा कामिनी को सम्मानित किया गया। इस मौके पर कामनी, कनक, रिमझीम, सोनी, आरोही, राघव, रचना, शनी, देव, रोली, प्रज्ञा, रसोईया सुनीता देवी आदि मौजूद रहीं।