बदायूँ। उझानी रोड स्थित संकट मोचन बालाजी दरबार में हनुमान जन्मोत्सव एवं 27वें वार्षिक महोत्सव के अवसर पर आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन श्री बालाजी महाराज की असीम कृपा एव संत हरिओम दास जी महाराज के आशीर्वाद तथा रितिकांत उपाध्याय (झांसी) के सानिध्य में किया जा रहा है। कथा के प्रथम दिवस पर बांके धाम से पधारे कथावाचक पं. दिनेश शास्त्री ने भगवान श्रीराम के नाम की महिमा का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान के पवित्र नाम का जाप करने से साधारण मनुष्य भी पवित्र हो जाता है और जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है। कथा व्यास ने सत्संग, भजन और प्रभु स्मरण के महत्व को बताते हुए कहा कि श्री बालाजी महाराज की कृपा से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं। भगवान श्रीराम की कथा सुनने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन सफल बनता है। उन्होंने आगे बताया कि भगवान श्रीराम के चरणों में अपार शक्ति है और हनुमान जी महाराज ने सबसे पहले उन्हें अपने हृदय में स्थान दिया। नाम महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि बिना नाम के जीवन व्यर्थ है और कलयुग में प्रभु नाम ही सबसे बड़ा सहारा है। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए अयोध्या में राम जन्मोत्सव के दृश्य का भी सुंदर चित्रण किया गया। महाराज दशरथ के यहां पुत्र रत्न की प्राप्ति पर संपूर्ण अयोध्या नगरी में हर्षोल्लास का वातावरण छा गया। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जयकारों के साथ कथा का आनंद लिया और प्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का माहौल बना रहा।