भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु की शहादत पर विचार गोष्ठी, साम्राज्यवाद के खिलाफ उठी आवाज
बरेली। अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत को याद करते हुए रविवार को ‘साम्राज्यवाद: कल और आज’ विषय पर प्रेरणा सदन में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने वैश्विक स्तर पर बढ़ते साम्राज्यवादी हस्तक्षेप और हमलों का विरोध किया।
गोष्ठी में क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के ललित ने शहीदों की विरासत और उनके विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगत सिंह के विचार आज भी उतने ही प्रभावी हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अंग्रेजों ने ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाई थी, उसी तरह आज भी शासक वर्ग लोगों को बांटकर शोषण जारी रखे हुए हैं। उन्होंने मेहनतकश वर्ग को एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
प्रसिद्ध क्रांतिकारी साहित्यकार सुधीर विद्यार्थी ने कहा कि शासकों की कोशिशों के बावजूद आम जनता ने शहीदों को अपने गीतों और स्मृतियों में जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि आज इन महान क्रांतिकारियों को उनके विचारों से अलग कर प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है, जो चिंताजनक है।
परिवर्तनकामी छात्र संगठन की दिशा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को भगत सिंह और उनके साथियों के विचारों को समझने की जरूरत है, ताकि एक समानता और न्याय आधारित समाज का निर्माण किया जा सके।
ऑटो रिक्शा टेंपो चालक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्णपाल ने भगत सिंह के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि साम्राज्यवाद शोषण का चरम रूप है और इसके खिलाफ संघर्ष जरूरी है। बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि मजदूर वर्ग को एकजुट कर संघर्ष को आगे बढ़ाना समय की मांग है।
इंकलाबी मजदूर केंद्र के शहर सचिव ध्यान चंद्र मौर्य ने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर साम्राज्यवादी शक्तियां फिर से आक्रामक हो रही हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध और अन्य अंतरराष्ट्रीय घटनाएं इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि भगत सिंह के विचारों—साम्राज्यवाद विरोध और समाजवाद—को आगे बढ़ाकर ही इस व्यवस्था से मुक्ति संभव है।
गोष्ठी में हिमांशु सिंह, मोहित, दिलीप, अजयपाल सहित कई वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन परिवर्तनकामी छात्र संगठन के शहर सचिव कैलाश ने किया। गोष्ठी की शुरुआत और समापन प्रगतिशील सांस्कृतिक मंच द्वारा क्रांतिकारी गीतों के साथ हुआ।
इस अवसर पर देव सिंह, लालजी कुशवाहा, अंकित कुमार, सर्वेश मौर्य, अजय पाल, बालक राम, विमल, वरुण सक्सेना, हरिगोविंद मौर्य, हरचरणलाल गंगवार, प्रशांत, मो. फैसल, रमजान अली, मनीष, दीपक सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।














































































