बरेली। थाना भुता क्षेत्र के गांव मियूडी संगीत उत्पादन में किसानों को एक साथ जोड़ने के उद्देश्य से सीप मशरूम का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण शिविर महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के संयंत्र विज्ञान विभाग एवं जीएफई एंटरप्राइजेज के संयुक्त उद्यम में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण शिविर में प्लांट विज्ञान विभाग के सहयोगी प्रोफेसर एवं मशरूम विशेषज्ञ डॉ. विजय कुमार सिंहल ने किसानों को सीप मशरूम की खेती की तकनीक, उद्यम और बाजार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी के फादर प्रो. केपी सिंह के निर्देशन में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविरों की श्रृंखला जारी है। गांव के निवासी एवं प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक कृष्ण पाल सिंह, जो एक प्रगतिशील किसान भी हैं, के प्रयास से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ओबामा कमांडेंट राजमणि सिंह उपस्थित रहे, केंद्र सरकार की विभिन्न संस्थाओं की ओर से आवेशपूर्ण आवेश का स्वागत किया गया। डॉ. सीनल ने बताया कि सीप मशरूम की खेती कम लागत में ज्यादा रिवाइवल वाली है। वर्तमान बाजार में इसकी कीमत 120 से 150 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है, जबकि उत्पादन लागत 10 से 15 रुपये प्रति किलो मिलती है। उन्होंने बताया कि पिछले 8 वर्षों से किसानों को बाजार में उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें अब सफलता मिल रही है और कई उत्पाद इसे लेकर आगे हैं। शिविर में किसानों को मशरूम उत्पादन के लिए बैग तैयार करना भी सिखाया गया और बैग के पुर्जे तैयार करने के लिए उन्हें बहुत कम कीमत पर तैयार किया गया, ताकि वे स्वयं उत्पादन करना शुरू कर सकें। सफल कार्यक्रमों में कृष्ण पाल सिंह, दिलीप पटेल, पूर्व प्रधान भगवान दास, प्रताप सिंह फौजी, रघुराज सिंह, शिवदत्त सिंह, महेश सिंह, गजेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, ओंकार, विशेष पटेल, मुंशीलाल, नौबत सिंह, ताराचंद और जंग बहादुर सिंह का विशेष योगदान रहा।