एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू, प्रदेश में सर्वाधिक 74 किशोरियों ने जनपद में लगवाया टीका

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बरेली। महिलाओं में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) की रोकथाम के उद्देश्य से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ मंगलवार को जिला महिला चिकित्सालय में किया गया। अभियान का उद्घाटन वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना के प्रतिनिधि अनिल कुमार सक्सेना द्वारा किया गया। जनपद में पहला एचपीवी टीका सीबीगंज स्थित लेबर कॉलोनी निवासी ईशिता को लगाया गया।

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श्री सक्सेना ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण महिला स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है और टीकाकरण से इसका प्रभावी बचाव संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि भविष्य में उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि अभियान का औपचारिक शुभारंभ 28 फरवरी को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा राजस्थान के अजमेर से किया गया था, जबकि जनपद बरेली में यह 17 मार्च से शुरू हुआ है। उन्होंने बताया कि अभियान के पहले दिन प्रदेश में सर्वाधिक 74 किशोरियों ने बरेली जनपद में एचपीवी टीकाकरण करवाया। बुधवार से सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर भी टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा।
जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने जानकारी दी कि प्रारंभिक तीन माह तक यह अभियान सप्ताह के सभी कार्यदिवसों में प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित होगा। इसके बाद यह नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक बुधवार और शनिवार को आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि टीकाकरण पूर्णतः स्वैच्छिक है तथा इसके लिए माता-पिता या अभिभावक की सहमति अनिवार्य होगी। अभिभावक यू-विन पोर्टल पर स्वयं पंजीकरण कर डिजिटल सहमति दे सकते हैं। इंटरनेट उपलब्ध न होने की स्थिति में लिखित सहमति ली जाएगी, जिसे बाद में पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। आयु सत्यापन के लिए पहचान पत्र आवश्यक होगा तथा टीकाकरण प्रमाणपत्र भी यू-विन पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा। टीका खाली पेट नहीं लगाया जाएगा और इसे एएनएम, स्टाफ नर्स या लेडी हेल्थ विजिटर (एलएचवी) द्वारा लगाया जाएगा
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की कोषाध्यक्ष डॉ शालिनी माहेश्वरी ने बताया एच पी वी टीका पूरी तरह सुरक्षित है। टीकाकरण के बाद यदि बुखार, सिरदर्द, मतली या चक्कर जैसे सामान्य लक्षण दिखाई दें तो पैरासिटामॉल की एक गोली दी जा सकती है और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पिलाना चाहिए। इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, सूजन या लालिमा होने पर बर्फ से सिकाई करना लाभकारी रहेगा। अभी तक किसी भी किशोरी में टीके के प्रतिकूल प्रभाव नहीं दिखाई दिए हैं ।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. त्रिभुवन प्रसाद, नोडल अधिकारी (अर्बन) डॉ. अजमेर सिंह के साथ-साथ डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, एड्रा, जेएसआई, गावी एवं यूएनडीपी के जनपद स्तरीय अधिकारी, अर्बन क्षेत्र के समस्त चिकित्सा अधिकारी, एएनएम तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

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