बरेली। नवाबगंज क्षेत्र के ग्राम जादोपुर का प्राथमिक विद्यालय लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार खुल गया। स्कूल खुलने के साथ ही बच्चों की चहल-कदमी और किलकारियों से विद्यालय परिसर गुंजायमान हो उठा। इस मौके पर बच्चों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।बच्चों से मिलने के लिए पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष एवं आम आदमी पार्टी की रोहिलखंड प्रांत उपाध्यक्ष एडवोकेट सुनीता गंगवार विद्यालय पहुंचीं। स्कूल को खुला देखकर और बच्चों को पढ़ाई करते देखकर उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया।इस दौरान सुनीता गंगवार ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक-एक स्कूल को खुलवाने के लिए ग्रामीणों को लंबा संघर्ष करना पड़ता है। शिक्षा विभाग, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की गंदी राजनीति के कारण लोगों को धरना-प्रदर्शन तक करना पड़ता है। यदि हर स्कूल इसी तरह आंदोलनों के बाद खुलेगा तो यह कहना पड़ेगा कि व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है।उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा उनका मौलिक अधिकार है और इस अधिकार का हनन किसी भी सूरत में नहीं होना चाहिए। नवाबगंज क्षेत्र में अभी भी कई स्कूल बंद पड़े हैं, जिनको खुलवाने के लिए ग्रामीण लगातार शिक्षा विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। प्रशासन और शिक्षा विभाग को ऐसे स्कूलों को जल्द से जल्द खोलना चाहिए, अन्यथा संस्था को स्कूलों को लेकर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।कार्यक्रम के अंत में सुनीता गंगवार ने बच्चों को मिठाई खिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें आशीर्वाद दिया। ग्रामीणों ने भी स्कूल खुलने पर खुशी जताते हुए कहा कि अब गांव के बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।