बरेली। जंक फूड का सेवन एवं अनियमित दिनचर्या से शहर ही नहीं गांव में भी अब शुगर मरीजों की संख्या बढ़ रही है। एक बार शुगर होने पर इसे दवा एवं योगा अपनाने से कंट्रोल तो किया जा सकता है पर यह शुगर रोग खत्म नहीं होता। दिल्ली के मनीपाल अस्पताल के शुगर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मोहित सरन ने पत्रकारों को बताया कि गलत ढंग से खानपान एवं कुछ लोगों में आराम तलबी के चलते शुगर रोग से ग्रसित होने वाले लोगों की बढ़ती जा रही हैं। महिलाओं में खास तौर पर शुगर की बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है। अब तो युवा पीढ़ी भी इसकी चपेट में आती जा रही है। शुगर बढ़ने की वजह से सबसे अधिक समस्या व्यक्ति के हृदय गुर्दे आंखें एवं नसों पर पड़ता है। शुगर कम होने या बढ़ने की वजह से कई बार व्यक्तियों की सोते समय भी हार्ट अटैक आने की वजह से मौत भी हो जाती है। शुगर रोग डॉक्टर मोहित सरन ने बताया कि कभी भी विज्ञापन देख कर शुगर की दवा नहीं लेनी चाहिए। इसके लिए डाक्टर का परामर्श जरूरी है। डॉक्टर मोहित सरन ने बताया की पहले घर की महिलाएं घर का सारा काम अकेले करती थी गांव में कुएं से पानी भरने से लेकर के घर की साफ सफाई, बर्तन धोना, झाड़ू पोछा लगाना, पैदल जाना। परन्तु अब महिलाओं एवं पुरुषों का भी जीवन मशीन आधारित होता चला गया। दैनिक दिनचर्या में व्यायाम योगा पैदल चलना कम हो गया। जंक फूड का अधिक सेवन कर रहे हैं । इसकी वजह से भी लोगों में खासकर शहरों में शुगर रोगियों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टर मोहित ने अब बरेली में भी माह में आखिरी रविवार को अपनी सेवाएं देना शुरू कर दी है। इस अवसर पर केयर हॉस्पिटल के डॉक्टर निकुंज अग्रवाल भी उपस्थित रहे। निर्भय सक्सेना