गली गली चली रामजी की सवारी, हर तरफ हुई पुष्प वर्षा, रविवार को रामजी का होगा राजतिलक
बरेली। ब्रह्मपुरी में चल रही विश्व प्रसिद्ध 166 वीं रामलीला में कल दिखाया गया था कि श्रीराम-रावण युद्ध के अंतिम दिन जब भगवान श्रीराम ने लंका के राजा रावण को मार गिराया तब लंका के राज परिवार का एकमात्र जीवित पुरुष माल्यवान ने श्रीराम के सामने आत्म-समर्पण किया। तब श्रीराम जी विभीषण को वहां का राजा बनाकर अपनी पत्नी सीता, भाई लक्ष्मण तथा अन्य लोगों के साथ अयोध्या के लिए पुष्पक विमान से चल दिये। लंका विजय से लौट कर प्रभु श्री राम, सीता जी और लक्ष्मण जी का अयोध्या में जोरदार स्वागत हुआ, माताओं ने उनकी आरती उतारी, उनके साथ लंका के राजा विभीषण, वानर राज सुग्रीव, नल, नील, जामवंत और युवराज अंगद तथा हनुमानजी भी आये। प्रभु श्री राम ने एक एक कर अपने वनवासी मित्रों का परिचय गुरु वशिष्ठ से कराते हुए बताया कि बिना इन सबके सहयोग के राक्षसों को मार पाना मुश्किल था। माता कौशल्या ने भी उन सबको पुत्रवत मानते हुए आशीर्वाद दिया। सभी वनवासी मित्रों के साथ प्रभु श्री राम अपने महल की ओर चले तो अयोध्यावासी इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए घरों की छतों पर चढ़ गए और इस अलौकिक दृश्य को देखने लगे। सभी लोगों ने मंगल के लिए दरवाजों पर वंदनवार, ध्वजा और पताकाएं लगा दीं। स्त्रियां व युवतियां उनकी आरती करने को व्याकुल हो गईं।

य़ह राम शोभायात्रा श्री नरसिंह मंदिर ब्रह्मपुरी लीला स्थल से दोपहर 3 बजे से शुरू होकर मलूकपुर चौराहा, बिहारी पुर ढाल, कुतुबखाना, रोडवेज, बरेली कॉलेज, कालीवाडि, श्यामगंज, चौराहा, साहू गोपी नाथ, मठ की चौकी, शिवाजी मार्ग, कुतुब खाना चौराहा, बड़ा बाजार, किला चौराहा, सिटी सब्जी मंडी, मलूकपुर चौराहा होते हुए वापस श्री नरसिंह मंदिर पर समाप्त हुई।
सजे हुए लकड़ी के रथ मुख्य सिंहासन पर श्रीराम, लक्ष्मण सीता जी और हनुमानजी के स्वरूप बिराजमान थे। आरंभ में रामलीला के अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष तथा मुख्य अतिथि महापौर उमेश गौतम ने आरती कर शोभायात्रा की शुरुआत की।
जगह-जगह श्रद्धालु श्रीराम-लक्ष्मण और विश्वामित्र के स्वरूपों को तिलक लगाकर पूजा-अर्चना करने के साथ आरती उतार रहे थे। हर तरफ फूलों की बरसा हो रही थी। स्वरूपों के साथ रथ में सवार पदाधिकारी प्रसाद वितरण कर रहे थे।
कुल मिलाकर सोलह रथ शोभायात्रा में जिनमें दो डीजे, दो ढोल (नासिक-पंजाबी), दो बैंड, 9 झांकियां जिसमें मुख्य सिंहासन, राम दरबार, श्री गणेश जी, राधा कृष्ण, शिव पार्वती, खाटू श्याम जी, लक्ष्मी -नारायण, नंदी पर शंकर जी, नंदी पर बाल गणेश, हनुमानजी- सुरसा शामिल रहे। इसके अलावा फ़ूलों से सजी एक विशेष सफ़ेद विंटेज कार विशिष्ट आकर्षण का केन्द्र रही।
वहीं पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और जवान सुरक्षा दीवार बनकर साथ-साथ चल रहे थे। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जा रही थी। श्रीराम बारात में सुरक्षा के लिहाज से एसपी, सीओ, इंस्पेक्टर, क्षेत्र के दरोगा, कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, महिला सिपाही और पीएसी के जवान मुस्तैद रहे।
जगह-जगह पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत-सत्कार किया। शाम को साहूकारे क्षेत्र पर भरत मिलाप की लीला हुई। कल राज्याभिषेक के साथ लीला का विधिवत समापन होगा। शोभायात्रा में श्री रामलीला सभा के समस्त पदाधिकारी और सैकड़ों रामभक्त अध्यक्ष राजू मिश्रा के नेतृत्व में तिलक लगाए चल रहे थे।














































































