अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के तीसरे दिन वैश्विक राजनीति, बौद्धिक संपदा और सामाजिक विसंगतियों पर सार्थक संवाद
बदायूँ। राजकीय महाविद्यालय एवं ‘एकेडमिक सोसाइटी फॉर ह्यूमैनिटीज एंड लिटरेरी रिसर्च’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईसी ग्लोबल डायलॉगस 2026 के तीसरे दिन आज वैश्विक राजनीति, बौद्धिक संपदा और सामाजिक विसंगतियों जैसे गंभीर विषयों पर सार्थक संवाद हुआ। प्रथम सत्र की अध्यक्षता दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के डॉ. मनीष कुमार पांडेय ने की। इस सत्र के मुख्य वक्ता जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के ‘स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज’ के प्रो. शांतेश कुमार सिंह रहे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बदलते आयामों पर अपना प्रभावशाली व्याख्यान प्रस्तुत किया। इसी सत्र के अंतर्गत समाजशास्त्र विषय पर केंद्रित शोध सत्र आयोजित किया गया, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों से आए शोधार्थियों द्वारा कुल 36 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
द्वितीय सत्र की अध्यक्षता एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के शिक्षा विभाग के प्रो. राम बाबू ने की। इस सत्र में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहभागिता को सुदृढ़ करते हुए नॉर्थ मैसेडोनिया के विद्वानों ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इंटरनेशनल विजन यूनिवर्सिटी, गोस्तिवार से प्रो. डॉ. जॉर्डन डेलेव ने बौद्धिक संपदा शिक्षा को रचनात्मकता और सतत विकास के उत्प्रेरक के रूप में परिभाषित करते हुए अपना व्याख्यान दिया। इसके पश्चात इंटरनेशनल बाल्कन यूनिवर्सिटी की डॉ. एब्रू इबिश ने ‘हेट स्पीच’ को एक आपराधिक कृत्य और सामाजिक समस्या के रूप में विश्लेषित किया। इस सत्र में 15 शोध पत्रों का वाचन किया गया। शारीरिक शिक्षा विषय में डॉ. अंजू स्वामी हिमाचल प्रदेश, लेफ्टिनेंट डॉ. गायत्री पांडे, ग्वालियर, डॉ अतुल मलिक राजकीय महाविद्यालय मिलक रामपुर सहित कुल 16 विद्वानों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
आयोजन की सफलता पर आयोजन सचिव डॉ. प्रियंका सिंह ने कहा कि आज के सत्रों में सामाजिक और विधिक विषयों पर हुई चर्चा शोधार्थियों के लिए भविष्य के नए मार्ग प्रशस्त करेगी। अंत में, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता ने सभी वक्ताओं का आभार व्यक्त किया।











































































