बदायूँ। राष्ट्रीय सेवा योजना की डॉ. भीमराव अंबेडकर इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का आज समापन समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी स्वयंसेवकों और स्वयंसेविकाओं ने नशा मुक्ति पर जनजागरूकता रैली निकालकर ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। बौद्धिक परिचर्चा का विषय ‘सामाजिक समरसता’ रहा, जिसमें वक्ताओं ने समाज में व्याप्त रूढ़ियों और अंधविश्वासों पर चिंतन किया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता ने अपने संबोधन में छात्र-छात्राओं से अपील की कि सामाजिक समरसता के बिना पुरातन रूढ़ियाँ और अंधविश्वास समाज के विकास में बाधक बने रहेंगे। उन्होंने कहा, एनएसएस के माध्यम से युवा सामंजस्य स्थापित कर सामाजिक विभेद को समाप्त कर सकते हैं तथा स्वस्थ समाज की नींव रख सकते हैं। डॉ. प्रेमचंद चौधरी ने सामाजिक समरसता की परिभाषा हिंदी साहित्य के संदर्भ में दी। उन्होंने मुंशी प्रेमचंद की कृतियों का उदाहरण देते हुए युवाओं को एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन सुचारू रूप से डॉ. संजय कुमार ने किया। समापन समारोह में शिवानी, सेजल, रोशनी, निशा, दीक्षा, काजल, डाली, नेहा, संध्या, तुलसी मिश्रा, नम्रता सिंह, प्रगति मिश्रा, अनुष्का कुमारी, शिवम शर्मा, सौरभ, रजनीश गौतम, आयुष, ललीकराम, अनामिका मिश्रा, मनोज, ऋतु पाठक, प्रियांशी पाठक, किरण वाला, अर्चना, रजनी वर्मा आदि उपस्थित रहे।