केरल–कुट्टिकानम में छात्रों से संवाद: राहुल गांधी बोले—दुनिया खतरनाक दौर में, भारत को स्पष्ट नीति की जरूरत

Screenshot 2026-03-06 200434
WhatsAppImage2024-05-04at205835
previous arrow
next arrow

केरल। Rahul Gandhi ने शुक्रवार को Marian College Kuttikkanam के छात्रों से संवाद करते हुए अंतरराष्ट्रीय राजनीति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), उच्च शिक्षा और मीडिया की भूमिका जैसे कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।

ReferralCodeLLVR11
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2024-06-13at1242061
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2025-06-11at40003PM
previous arrow
next arrow

राहुल गांधी ने मौजूदा वैश्विक हालात को चिंताजनक बताते हुए कहा कि जमीन पर देखने पर यह संघर्ष अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच का लगता है, लेकिन वास्तव में यह अमेरिका, चीन और रूस जैसी महाशक्तियों के बीच प्रभाव की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया ऊर्जा उत्पादन का बड़ा केंद्र है और इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने का सीधा असर भारत पर पड़ेगा। इससे देश में ईंधन महंगा हो सकता है और आर्थिक विकास भी प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत को इस खतरनाक और हिंसक दौर को समझते हुए अपनी विदेश नीति स्पष्ट रखनी होगी, क्योंकि एक ओर चीन भारत की सीमा पर मौजूद है तो दूसरी ओर अमेरिका भारत का सहयोगी है। ऐसे में भारत को सावधानी से कदम उठाने होंगे, ताकि वह किसी बड़े संघर्ष में न उलझे।

एआई के मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में अभी पीछे है और फिलहाल अमेरिका और चीन ही इसके बड़े खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि अगर भारत अपने डाटा पर नियंत्रण नहीं रखेगा और उत्पादन क्षमता नहीं बढ़ाएगा तो देश को भविष्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

उच्च शिक्षा प्रणाली को लेकर उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था वैचारिक हमले की चपेट में है। उनके अनुसार कई विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति एक खास विचारधारा के आधार पर की जा रही है, जिसे रोकना जरूरी है।

मीडिया और फिल्मों की भूमिका पर भी राहुल गांधी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि फिल्म, टीवी और मीडिया का इस्तेमाल लोगों को बदनाम करने और समाज में विभाजन पैदा करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ विचारों को बढ़ावा दिया जाता है, जबकि अन्य विचारों को दबाने की कोशिश होती है।

छात्रों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने राजनीति को कठिन रास्ता बताते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति ईमानदारी और मूल्यों के साथ राजनीति करना चाहता है तो उसे संघर्ष और आलोचना का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास यह समझने का है कि क्या राजनीति में ईमानदारी संभव है और इसकी सीमाएं क्या हो सकती हैं।

WhatsAppImage2024-10-20at41111PM1
previous arrow
next arrow
WhatsAppImage2023-04-17at53854PM4
previous arrow
next arrow
Home
Live TV
VIDEO NEWS
Verified by MonsterInsights