चौपला गिहार बस्ती रोड पर चला नगर निगम का बुलडोजर , लगभग दो दर्जन अवैध दुकानों घरों पर ही कार्रवाई
बरेली । बुधवार को नगर निगम ने किशोर बाजार से गिहार बस्ती होते हुए चौपला चौराहा तक बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध किया, लेकिन भारी पुलिस बल , प्रवर्तन दल की मौजूदगी में अभियान जारी रहा और कथित अवैध निर्माणों को हटाया गया। बुधवार को नगर निगम की टीम बुलडोज़र और भारी पुलिस बल और प्रवर्तन दल के साथ किशोर बाजार पहुंची दोनों तरफ गिहार बस्ती होते हुए चौपला चौराहा तक सड़क और नगर निगम की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। नगर निगम के अधिकारी सच्चिदानंद सिंह ने बताया आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी यहां पर अतिक्रमण कर लिया है आने जाने में जाम लगता हैं लगभग दो दर्जन घरों के आगे अतिक्रमण और दुकानें लगाकर सड़क और निगम की भूमि पर अवैध निर्माण कर रखा था, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा था और आम लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। कार्रवाई के दौरान बिहार बस्ती के लोगों ने इसका विरोध किया। स्थानीय निवासी मोनिका ने आरोप लगाया कि बिना उचित नोटिस के उनके घरों को तोड़ा गया। उन्होंने कहा कि लोगों ने एक-एक रुपये जोड़कर अपने मकान बनाए थे और अचानक की गई कार्रवाई से पूरा मोहल्ला तबाह हो गया। उनका कहना है कि अगर सीमा निर्धारण कर दिया जाता या पहले से स्पष्ट सूचना दी जाती तो वे सहयोग करते। महिलाओं और बच्चों में दहशत का माहौल देखा गया। वहीं नगर निगम के अतिक्रमण प्रभारी सच्चिदानंद ने बताया कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसी शिकायत के आधार पर अभियान की तिथि तय की गई और किशोर बाजार से लेकर चौपला चौराहा तक कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना है कि पहले भी संबंधित लोगों को चेतावनी दी गई थी, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया। प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल सी बी जोशी ने बताया कि यह पूरा क्षेत्र अवैध कब्जे की जद में था, जहां घर और दुकानें बना ली गई थीं। नगर आयुक्त के आदेश पर यह अभियान चलाया गया है और किसी भी अतिक्रमण को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्याप्त पुलिस बल और राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद है ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की जा सके। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है। नगर निगम का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा, जबकि प्रभावित लोग अपने आशियाने उजड़ने का दर्द बयां कर रहे हैं।













































































