क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी का पुरस्कार वितरण समारोह गरिमामय माहौल में सम्पन्न
शाहजहाँपुर ।राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश तथा स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी, बरेली क्षेत्र 2025-26’ का पुरस्कार वितरण समारोह स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज परिसर में एक उत्साहपूर्ण व गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता एवं पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती ने कला और संस्कृति के संरक्षण व प्रोत्साहन में अकादमी व कॉलेज के सहयोगात्मक प्रयास की भूरि भूरि प्रशंसा की। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि कला मानवीय संवेदनाओं की सर्वोत्तम अभिव्यक्ति है और ऐसे आयोजन युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं।

कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आर. के. आज़ाद ने कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं कलात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के अपने संस्थान के प्रयासों का उल्लेख किया और अकादमी के साथ सहयोग को भविष्य में भी जारी रखने की आशा व्यक्त की। कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव प्रो. (डॉ.) अवनीश कुमार मिश्र ने कहा कि शिक्षण संस्थानों का दायित्व सिर्फ पाठ्यक्रम पढ़ाना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है, जिसमें कला की अहम भूमिका है। राज्य ललित कला अकादमी, उ.प्र. के सदस्य डॉ. दुर्जन सिंह राना ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित विविध विधाओं की कलाकृतियों की सराहना की और नवोदित कलाकारों को अपनी सृजनात्मक यात्रा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। राज्य ललित कला अकादमी, उ.प्र. के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा कि इस संयुक्त प्रदर्शनी का उद्देश्य बरेली क्षेत्र के प्रतिभाशाली कलाकारों को राज्य स्तर पर पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि अकादमी द्वारा ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहन दिया जाता रहेगा। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में कॉलेज प्रबंधन व प्राध्यापकों के योगदान को भी सराहा। प्रदर्शनी के आयोजन समिति की ओर से कॉलेज के उप-प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अनुराग अग्रवाल, चित्रकला विभाग प्रभारी डॉ. अर्चना गर्ग तथा कला प्रदर्शनी के आयोजक डॉ. प्रज्ज्वल पुंढीर ने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं उपस्थित जनसमुदाय का स्वागत व आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी में बरेली क्षेत्र के 50 से अधिक कलाकारों की लगभग 200 कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गईं, जिनमें चित्रकला, मूर्तिकला, ग्राफिक्स आदि विविध विधाएँ शामिल थीं। राज्य ललित कला अकादमी की ओर से निर्देशक अमित कुमार अग्निहोत्री, उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र तथा अकादमी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं प्रमुख सचिव श्री अमृत अभिजात, आई.ए.एस. ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कला व संस्कृति के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और अकादमी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिता के विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकार डॉ आशीष कुमार सिंह एवं प्रतीक्षा अवस्थी को मुख्य अतिथि व अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। छात्र-छात्राओं, कला प्रेमियों एवं स्थानीय नागरिकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने इस समारोह को यादगार बना दिया।













































































