मौलाना इरफ़ानूल हक़ कादरी, मौलाना रईसूद्दीन नूरी और हाफ़िज़ इकराम खां को कोर्ट ने किया तलब
बरेली। गत वर्ष भारत सरकार द्वारा संसद में पास किये गये वक्फ संशोधन बिल पर देश भर मे ख़ूब गर्म चर्चा रही, मुस्लिम संगठनों मे खासतौर पर आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीअत उलमा-ए-हिंद ने देशभर मे वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। इसी से सम्बंधित आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने वक्फ संशोधन बिल के समर्थन मे अपना पक्ष रखते हुए बिल का समर्थन किया था। मौलाना के बयान को लेकर कुछ लोगों ने विरोध किया और उनकी छवि को धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया पर मौलाना इरफ़ानूल हक़ कादरी, मौलाना रईसूद्दीन नूरी और हाफ़िज़ इकराम खां ने बयान जारी किया था। इन तीनों लोगो के बयानों को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने कोर्ट मे मानहानि का मुक़दमा दायर कर दिया। कोर्ट ने मौलाना के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए उक्त तीनों लोगो के खिलाफ समन जारी करके कोर्ट ने तलब कर लिया है। अगले महीने की पांच तारीख को पेश होने के लिए आदेश जारी किया है। मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी का कहना है कि मेरी उज्ज्वल छवि को धूमिल करने, मेरे खिलाफ समाज को भ्रमित करने, और कट्टरपंथी विचारधारा के लोगों को उकसा कर मुझे नुकसान पहुंचाने की साज़िश रची। इसीलिए मैंने इन लोगों के खिलाफ मानहानि का मुक़दमा किया। मैं हमेशा धर्म के प्रचार व प्रसार, कौम के जन कल्याण और उनके हितों के लिए संघर्ष करता हूं, राष्ट्रीयवादी सोच के साथ भारत की एकता अखंडता के लिए काम करता हूं। ये लोग कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने और मुझ जैसे लोगो को नुकसान पहुंचाने के लिए काम करते हैं। मैं भारत के संविधान के अनुरूप काम करने और कट्टरपंथी विचारधारा के खिलाफ अभियान चला रहा हूं, ये लोग इन चीजों के विरोध में रहते हैं और छवि को धूमिल करने, लोगो को उकसाने व भड़काने का हमेशा प्रयास करते हैं।













































































