एचपी इंटरनेशनल स्कूल में सेहत की शुरुआत, बच्चों के हाथों में दवा नहीं—भविष्य की सुरक्षा
बदायूं । एचपी इंटरनेशनल स्कूल में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ एक संवेदनशील और जागरूक वातावरण में हुआ। कार्यक्रम में स्कूल के प्रधानाचार्य संदीप पांडे एवं उप प्रधानाचार्य पंकज गुप्ता के साथ जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा, डीआईएओ डॉ. मोहम्मद असलम, डीएचआईएओ सुधा सोलंकी, डीसीपीएम अरविंद राणा, अर्बन कोऑर्डिनेटर उमेश राठौर, कंसल्टेंट सचिन सक्सेना एवं गार्गी त्यागी सहित अनेक स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों को एल्बेंडाजोल की गोलियां वितरित कर की गई। जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने सरल शब्दों में बच्चों को समझाया कि प्रत्येक छह माह में एल्बेंडाजोल का सेवन कर पेट में पलने वाले कृमियों से बचाव संभव है। उन्होंने इसे बच्चों के स्वस्थ शारीरिक एवं मानसिक विकास से जोड़ते हुए इसे एक छोटी दवा, लेकिन बड़ी सुरक्षा बताया।

डीआईएओ डॉ. मोहम्मद असलम ने बच्चों को कृमियों से होने वाले रोगों की जानकारी दी और एनीमिया पर किए गए एक सर्वे का उल्लेख किया, जिसमें 100 में से 74 बच्चियों में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम पाई गई। उन्होंने इसका प्रमुख कारण पेट में कीड़े होना बताया और समझाया कि एल्बेंडाजोल किस प्रकार इन कृमियों को समाप्त कर शरीर को स्वस्थ बनाती है। उनकी बातों ने बच्चों और शिक्षकों दोनों को सोचने पर मजबूर किया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने स्वयं छात्रों को अपने हाथ से गोली देकर उनके सामने ही चबाकर खाने की सलाह दी और हर छह माह में इसका सेवन करने का संदेश दिया। अंत में प्रधानाचार्य संदीप पांडे ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के जीवन को स्वस्थ दिशा देने का मजबूत आधार हैं। यह दिन सिर्फ दवा का नहीं, बल्कि स्वस्थ भविष्य के संकल्प का दिन बन गया। कार्यक्रम का संचालन अध्यापक अजय यादव ने किया |













































































