रमज़ान की जन्त्री जारी, 19 फरवरी को पहला रोज़ा; 11 साल तक सर्दियों में रहेगा माह-ए-रमज़ान

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बरेली।बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी ख़ाँ वारसी ने बताया कि रमज़ान इबादत और बरकतों का महीना है 18 फरवरी को चाँद का दीदार होते ही नमाज़े तरावीह शुरू हो जाएगी,रमज़ान शरीफ़ की जन्त्री जारी हो चुकी हैं। जन्त्री के मुताबिक बरेली में 19 फरवरी को पहले रोज़ा वक़्त ,सहरी का वक़्त सुबह 5 बजकर 21 मिनट तक होगा और इफ्तार का वक़्त 6 बजकर 10 मिनट पर रोज़ा खुलेगा,पहला रोज़ा 12 घण्टे 49 मिनट का होगा,इसी तरह 15वां रोज़े की सहरी का वक़्त 5 बजकर 10 मिनट और इफ्तारी का वक़्त 6 बजकर 19 मिनट का होगा,जिसका पूरा समय 13 घण्टे 9 मिनट का रहेगा,वहीं आखरी रोज़े की वक़्त, सहरी का वक़्त 4 बजकर 56 मिनट से इफ्तार का वक़्त 6 बजकर 27 मिनट है,रोज़े का पूरा समय 13 घण्टे 31 मिनट का होगा,गर्मियों के बाद अब रमज़ान सर्दियों में आ रहे है। गर्मी का इम्तिहान पूरा हो गया है। अब 11 साल सर्दियों में रमजान रहेंगे। 2007 से 2025 तक गर्मियों के बीच रोजे रखे गए थे। 2026 से 2036 तक रोजेदारों को सूरज की तपिश से निजात मिलेगी।
2025 में माह-ए-रमजान मुकम्मल होने के साथ-साथ गर्मी में रोजेदारों के सब्र का इम्तिहान भी पूरा हो हुआ 2007 से 2025 के बीच 19 साल रोजेदारों ने सूरज की तपिश, उमस भरी गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच खुदा की इबादत की। अब आने वाले 11 साल तक रमजान का महीना सर्दियों के बीच ही गुजरेगा।
2026 से 2036 तक रमजान की आमद ठंडे मौसम में होगी। वर्ष 2007 से 2025 तक 19 बार रमजान का महीना आया। इस्लामिक कैलेंडर का यह पाक महीना पिछले 19 वर्षों में मार्च से सितंबर के बीच गुजरा। इस बीच कभी रोजेदारों का सामना अप्रैल-मई की झुलसा देने वाली तपिश से हुआ तो कभी जून, जुलाई, अगस्त में पसीने से तरबतर करने देने वाली उमस भरी गर्मी से। मार्च और सितंबर ने भी रोजेदारों का इम्तिहान लिया। इस दौरान मार्च, अप्रैल, मई, जुलाई, अगस्त में तीन-तीन रमजान गुजरे। दो-दो बार जून और सितंबर में रमजान की शुरुआत हुई। अब रमजान का महीना खिसक कर सर्दियों में पहुंचा है आने वाले 11 साल रोजेदारों के लिए राहत भरे होंगे। मुकद्दस रमजान की आमद ठंडे मौसम में होगी। शुरुआत 2026 से होगी यह सिलसिला 2036 तक चलेगा।
बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी ख़ाँ वारसी ने बताया कि रमज़ान सब्र और इबादत का महीना है,रमज़ान के महीने में लोग इबादत के लिये मक्का मदीना भी जाते है और उमराह करते है।यहाँ पर मस्जिदों में साफ़ सफाई के काम शुरू हो चुके है।

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रमज़ान की जन्त्री जारी,शहरभर की मस्जिदों में बाद नमाज़े जुमा नमाज़ियों को रमज़ान शरीफ़ के टाइम टेबल की जन्त्री बाँटी गई।मस्जिद नोमहला शरीफ़,दरगाह नासिर मियाँ,सिविल लाइन की मोती मस्जिद,चौकी चौराहे वाली मस्जिद, बिहारीपुर की आला हजरत मस्जिद,बीबीजी की मस्जिद,मलूकपुर की मस्जिद मुफ़्ती आज़म हिन्द,लाल मस्जिद,खन्नू मोहल्ले की मस्जिद दादा मियाँ,पुराने शहर की हबीबिया मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में नमाज़ियों को जन्त्री देते हुए आने वाले रमज़ान की मुबारकबाद पेश की।
इस मौके पर बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी ख़ाँ वारसी,दानिश खान,फ़ाज़िल खान, नईम खान,ज़िया उर रहमान,शाहरुख,अहमद उल्लाह वारसी आदि मौजूद रहे।

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