डीपीएस में ‘जूनियर एस्पिरेंट 2026’ प्रीलिम्स परीक्षा हुई,878 विद्यार्थी शामिल हुए
बदायूँ। दिल्ली पब्लिक स्कूल में ‘जूनियर एस्पिरेंट 2026’ प्रीलिम्स परीक्षा का सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन किया गया। सिविल सर्विसेज उन्मुख इस विशेष कार्यक्रम में कक्षा 5 से आगे के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस वर्ष कुल 878 छात्रों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया, जो विद्यार्थियों में प्रशासनिक सेवाओं के प्रति बढ़ती रुचि का प्रमाण है।

परीक्षा का संचालन पूरी पारदर्शिता और अनुशासन के साथ किया गया। प्रश्नपत्र इस प्रकार तैयार किया गया था कि वह विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, सामान्य ज्ञान, विश्लेषणात्मक सोच और निर्णय लेने की क्षमता को परखे। परीक्षा के दौरान छात्रों में आत्मविश्वास
और गंभीरता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। वित्त निदेशक आशीष सक्सेना ने कहा, “विद्यालय ने ‘जूनियर एस्पिरेंट’ कार्यक्रम के अंतर्गत पूर्व एवं सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के साथ सहभागिता की है, ताकि विद्यार्थियों को वास्तविक प्रशासनिक अनुभव और मार्गदर्शन मिल सके। पिछले वर्ष, मेन्स परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों के लिए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, देहरादून के पूर्व प्रशिक्षक एच.सी. पोखरियाल ने एक प्रेरणादायक एवं प्रभावशाली सत्र आयोजित किया था, जिसने युवा अभ्यर्थियों के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी।” विद्यालय की प्रधानाचार्या शुभ्रा पांडे ने बताया, “इस वर्ष प्रश्नपत्र को रणनीतिक रूप से इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह डीपीएस बदायूं के विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और प्रशासनिक सोच को विकसित करे। हमारा उद्देश्य केवल परीक्षा लेना नहीं, बल्कि युवा मस्तिष्कों को सही दिशा प्रदान करना है। ” प्रीलिम्स परीक्षा के पश्चात विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा और चयनित छात्र ‘मेन्स’ परीक्षा में सम्मिलित होंगे, जिसमें उन्हें लिखित उत्तर प्रस्तुत करने होंगे। यह चरण विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता, गहन विश्लेषण और विषय की समझ का आकलन करेगा। विद्यालय ने जानकारी दी है कि प्रीलिम्स परीक्षा का परिणाम फरवरी 2026 के द्वितीय सप्ताह तक घोषित कर दिया जाएगा। डीपीएस बदायूं का ‘जूनियर एस्पिरेंट’ कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही सिविल सेवाओं की तैयारी के लिए प्रेरित कर रहा है। यह पहल न केवल अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देती है, बल्कि छात्रों में नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना भी विकसित करती है।













































































