बरेली। नई दिल्ली लोकसभा में सांसद नीरज मौर्य द्वारा इंटरनेट बंदी को लेकर पूछे गए सवाल और उस पर सरकार के जवाब ने डिजिटल इंडिया की नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सांसद ने कानून-व्यवस्था के नाम पर बार-बार इंटरनेट सेवाएं निलंबित किए जाने से छात्रों, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और ऑनलाइन काम करने वाले नागरिकों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया। सरकार ने जवाब में कहा कि इंटरनेट बंदी के दौरान वॉइस कॉल और एसएमएस सेवाएं चालू रहती हैं। इस पर सांसद ने सवाल उठाया कि क्या आज के डिजिटल युग में वॉइस कॉल और एसएमएस इंटरनेट का विकल्प हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट के बिना न तो ऑनलाइन पढ़ाई संभव है, न बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, टिकट बुकिंग या डिजिटल ऑफिस का काम। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सरकार के पास पिछले पांच वर्षों में इंटरनेट बंदी से हुए आर्थिक नुकसान का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। सांसद ने इंटरनेट निलंबन को अंतिम विकल्प बनाने की मांग की।