डीपीएस स्कूल की फेयरवेल पार्टी में मिस्टर डीपीएस आदित्य भल्ला औऱ मिस डीपीएस ज्योतिका चुनी गई
बदायूँ। दिल्ली पब्लिक स्कूल में “आगाज़” फेयरवेल पार्टी भावपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। इसमे मिस्टर डी पी एस आदित्य भल्ला औऱ मिस डी पी एस ज्योतिका चुनी गई।

दिल्ली पब्लिक स्कूल में कक्षा 12 के छात्र–छात्राओं के लिए फेयरवेल पार्टी का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। इस विदाई समारोह को “आगाज़” नाम दिया गया, जो विद्यार्थियों के जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है। यह आगाज़ उस यात्रा का संकेत है, जिसमें विद्यार्थी विद्यालय जीवन से निकलकर एक स्वतंत्र वातावरण में भविष्य की नई राहों पर कदम रखता हैं। कार्यक्रम को बॉलीवुड की थीम पर तैयार किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विद्यालय के डायरेक्टर विवेक भारती , फाइनेंस डायरेक्टर आशीष सक्सेना जी, प्रधानाचार्या शुभ्रा पांडे जी तथा उप-प्रधानाचार्य राजीव सामंतों जी द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात मुख्य अतिथियों को बैज एवं बुके भेंट कर सम्मानित किया गया। कक्षा 11 के छात्र–छात्राओं ने कक्षा 12 के विद्यार्थियों का तिलक लगाकर तथा बैज लगाकर स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत हेड बॉय एवं हेड गर्ल द्वारा केक कटिंग के साथ हुई। इसके बाद छात्राओं द्वारा मनमोहक संगीत प्रस्तुति दी गई, जिसने पूरे सभागार को भावनाओं से भर दिया।
समारोह में विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें आकर्षक नृत्य, रोचक एक्ट और आत्मविश्वास से भरा रैंप वॉक शामिल रहा। इसके बाद कक्षा 12 के छात्र–छात्राओं को विभिन्न टाईटल से सम्मानित किया गया। मिस डी पी एस, मिस्टर डी पी एस, मिस फेयरवेल और मिस्टर फेयरवेल घोषित किए गए तथा विजेताओं को ट्रॉफी एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। मिस्टर डीपीएस का खिताब आदित्य भल्ला को तथा मिस डीपीएस का खिताब ज्योतिका को दिया गया। वहीं मिस्टर फेयरवेल शुभ सपड़ा और मिस फेयरवेल अंशी मिश्रा को घोषित किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के लिए आशीर्वाद स्वरूप भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किए गए। विदाई के ये क्षण इतने भावुक थे कि शिक्षक और विद्यार्थी दोनों की आंखें नम हो गईं। विद्यालय के चेयरमैन ने अपने संबोधन में “आगाज़” का वास्तविक अर्थ बच्चों को समझाया उन्होंने कहा अब तक पिता और शिक्षक आपकी ढाल बने रहे कभी सरल तो कभी कठोर बनकर आपका भविष्य संवारते रहे, लेकिन एक समय ऐसा आता है जब उनकी उंगली थामे- थामे चलने का दौर समाप्त हो जाता है। यह वही क्षण है अब आपको स्वयं अपने फैसले लेने हैं सही राह चुननी है निर्णय आपके हाथ में है कि आप क्या चुनते है आगाज ऐसा करो जो आपको बुलंदी के शिखर तक लेकर जाए, एक बेहतर इंसान बनो, भीड़ के पीछे चलने के बजाय कुछ ऐसा करो कि भीड़ आपके लिए पलके बिछाए आपका इंतजार करे और सफलता आपके कदम चूमे। कहा भी गया है– प्रधानाचार्या शुभ्रा पांडे ने अपने प्रेरणादायक शब्दों से विद्यार्थियों को विद्यालय से लेकर उन्नति के शिखर तक की जीवंत यात्रा कराई, जिसने सभी विद्यार्थियों को भीतर तक झकझोर दिया।
यह विदाई समारोह न केवल विदाई था, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक सशक्त प्रेरणा भी बन गया।













































































