एपीएस इंटरनेशनल स्कूल में फेयरवेल पार्टी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही
उझानी।। ए.पी.एस. इंटरनेशनल स्कूल, में कक्षा 11 के विद्यार्थियों द्वारा अपने सीनियर्स कक्षा 12 के विद्यार्थियों को (लाइट्स कैमरा फेयरवेल) विदाई दी गई। यह कार्यक्रम विद्यालय के ’ब्लॉक ए’ के सभागार में आयोजित हुआ। विद्यालय को रंग-बिरंगे गुब्बारों, लाइट्स, पोस्टर्स आदि से बखूबी सुसज्जित किया गया। रंग-बिरंगे परिधान पहने विद्यार्थी इस आभा को और निखार रहे थे।

आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्यालय के चेयरमैन विमल कृष्ण अग्रवाल, चेयरपर्सन पूनम अग्रवाल तथा विद्यालय के निदेशक निलांशु अग्रवाल एवं निदेशिका नंदिता अग्रवाल थे। मुख्य अतिथियों का स्वागत उन्हें तिलक लगाकर, बैच लगाकर तथा प्रधानाचार्य रविन्द्र भट्ट व उप-प्रधानाचार्या मीनाक्षी शर्मा द्वारा बुके देकर किया गया। अपने सीनियर्स की मंगल कामना के लिए कक्षा 11 के छात्र-छात्राओं ने उन्हें तिलक लगाया तथा उन्हें टाइटल क्राउन पहनाया गया।कार्यक्रम के प्रारंभ में एक समूह गान ’आशाऐं’ प्रस्तुत किया गया।1970 के दशक का नृत्य कक्षा 11 सी के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किया गया। ’महबूबा ओ महबूबा’ प्रतिभागियों की भाव-भंगिमा, वेशभूषा और संगीत के साथ ताल-मेल गजब का था, जिसकी सभी ने सराहना की।

इस अवसर पर ’बैलून ब्लास्ट’ गेम का भी आयोजन किया गया जिसमें प्रतिभागी को अपना बैलून बचाकर दूसरे के बैलून को ब्लास्ट करना था। इसमें यशिका विजयी रही।कक्षा 11 एफ के विद्यार्थियों द्वारा एक एक्ट जो 1950 से 180 के मध्य गोल्डन युग पर दर्शाया गया। ’मेरा जूता है जापानी’ रीमेक प्रस्तुत किया गया। इसका मकसद ’ओल्ड इज गोल्ड’ को दर्शाना था। कार्यक्रम में उसी दशक के गानों की प्रस्तुति ने सभी को उसी युग में पहुँचा दिया।कक्षा 12 ’ई’ के विद्यार्थी अजीत यादव द्वारा विदाई भाषण प्रस्तुत किया गया।लड़कियों द्वारा ’रैंप वॉक’ का शानदार प्रदर्शन किया गया। पुश अप चेलेंज गेम का आयोजन किया गया। इस गेम में देव राजपूत ने 61 पुश अप लगाकर जीत दर्ज की।कक्षा 11 ’ई’ के विद्यार्थियों द्वारा 1980 के दशक का शास्त्रीय ड्रामा ’शक्तिमान’ प्रस्तुत किया गया। साथ ही ’चलाओ न नैनों से बाण’ रीमेक प्रस्तुत किया गया।मिस्टर ए.पी.एस. व मिस ए.पी.एस. इंट्रोडक्शन राउंड का आयोजन किया गया जिसमें शॉर्टलिस्टेड प्रतिभागियों ने अपना परिचय दिया।लड़कों द्वारा रैम्पवाक का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने अपने-अपने ढंग से अपना परिचय दिया।’गेस द सांग’ गेम का आयोजन किया गया जिसमें सांग की ध्वनि के आधार पर गाने को पहचान कर बताना था। कक्षा 11 ’डी’ के विद्यार्थियों द्वारा न्यू एरा 2015 से आज तक की थीम पर नृत्य प्रस्तुत किया गया। संगीत के ताल मेल का अद्भुत समन्वय दर्शनीय था। यह रीमेक प्रस्तुति थी। संगीत अध्यापिका श्रीमती माला गुप्ता द्वारा एक रीमेक प्रस्तुत किया गया। मिस्टर इंट्रोडक्शन के फाइनल राउंड में प्रतिभागियों को चुनी हुई पर्ची के आधार पर प्रस्तुति देनी थी।कक्षा 11 ’ए’ के विद्यार्थियों ने मिलेनियम एरा 2000 से 2010 तक की थीम पर नृत्य प्रस्तुत किया। यह शानदार रीमेक प्रस्तुति थी। इसमें नृत्य की रचनात्मकता व स्टेप्स की सटीकता प्रभावशाली थी। संगीत अध्यापक मि0 क्रिस ने गिटार पर सुंदर प्रस्तुति दी। अनुष्का बजाज ने सुंदर भाषण प्रस्तुत किया। ग्रैंड फिनाले में सुंदर प्रस्तुति दी गई।विद्यालय के निदेशक श्री निलांशु अग्रवाल ने मिस्टर, मिस ए.पी.एस. तथा मिस्टर मिस अटायर के परिणाम की घोषणा करने से पहले आपने सभी विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की बधाई दी। उन्हें कहा कि हमने स्कूल से जो अनुशासन, जीवन मूल्य सीखे हैं वे आपके मार्गदर्शक होंगे। उन्हें अच्छे इंसान बनने की प्रेरणा दी तथा अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करने को कहा। समय के महत्व को भी बताया।

आपने मिस्टर ए.पी.एस. 2025-26, मिस ए.पी.एस. 2025-26 तथा मिस्टर अटायर व मिस अटायर की घोषणा भी की।मिस्टर ए.पी.एस. 2025-26 प्रद्युमन सिंह मिस ए.पी.एस. 2025-26 अनन्या जैन मिस्टर अटायर देवेशमिस अटायर मिस अदिति का चयन किया गया।चेयरमैन सर, चेयरपर्सन मैडम, डायरेक्टर सर तथा डायरेक्टर मैडम द्वारा चयनित प्रतिभागियों को क्राउन पहनाकर सम्मानित किया गया।विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री रविंद्र भट्ट ने अपने उद्बोधन में बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट को धन्यवाद दिया। उन्होंने बोर्ड परीक्षार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आपने कहा कि विद्यालय में जो सीखा है, वह आपका मार्गदर्शक बनेगा। चुनौतियों का मुकाबला, माता-पिता की भावनाओं का आदर करो तथा उनका सम्मान करो। कक्षा 11 के छात्रों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम भी प्रशंसनीय रहा। आज के कार्यक्रम के कोर्डिनेटर श्रीमती प्रिया राना तथा विवेक सिंह थे। कला विभाग की रचना यादव, मनोज सक्सेना तथा अर्चना पांडेय का साज-सज्जा में योगदान रहा। आज के कार्यक्रम में उद्घोषक क्रमशः हर्ष यादव, शिवांशी माहेश्वरी तथा श्रेष्ठा अग्रवाल थे। सभी के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। कक्षा 12 के छात्रों को विद्यालय स्मृति चिह्न प्रदान किया गया।













































































