बैंक- उद्योग समन्वय को समय की आवश्यकता = चैप्टर द्वारा केन्द्रीय बजट 2026 पर परिचर्चा कर बजट की सर्वसम्मति से की सराहना
बरेली। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आई. आई. ए.) बरेली चैप्टर एवं सेन्ट्रल बैंक की मंथन बैठक में बैंक- उद्योग समन्वय को समय की आवश्यकता बताया गया।चैप्टर द्वारा केन्द्रीय बजट 2026 पर परिचर्चा कर बजट की सर्वसम्मति से सराहना की गई। चैप्टर मंथन बैठक में बैंक अधिकारियों ने उद्यमियों को बैंक की ऋण प्रक्रियाओं, पात्रता, ब्याज दरों, डिजिटल सुविधाओं एवं त्वरित लोन स्वीकृति व्यवस्था से अवगत कराया। होटल कासा ग्रीन में हुई मंथन बैठक की अध्यक्षता चैप्टर चेयरमैन मयूर धीरवानी ने की। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित बैंक अधिकारियों, अतिथियों एवं उद्यमियों का स्वागत किया। बैठक का संचालन चैप्टर सचिव रजत मेहरोत्रा द्वारा किया गया।
सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया से राजा कुमार ऐप्ली रीजनल मैनेजर, अमित उपाध्याय, मुख्य शाखा प्रबन्धक, सौरभ प्रबन्धक, सलमान खांन प्रबन्धक आदि ने एम एस एम ई क्षेत्र के लिए संचालित विभिन्न ऋण एवं वित्तीय सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
बैठक के दौरान उद्यमियों द्वारा बैंक अधिकारियों के समक्ष अपनी जिज्ञासाएँ एवं समस्याएँ रखी गईं, जिनका अधिकारियों द्वारा संतोषजनक समाधान किया गया। इस मंथन बैठक का मुख्य उद्देश्य उद्यमियों को सुलभ वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराना तथा बैंक और उद्योगों के बीच सहयोग को और मजबूत करना रहा।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से चैप्टर चेयरमैन मयूर धीरवानी, सचिव रजत मेहरोत्रा, कोषाध्यक्ष आशीष गुप्ता, सीईसी सदस्य विमल रिवाड़ी, मनोहर लाल धीरवानी, नीरज गोयल, एस.के. सिंह, अशोक मित्तल, शेखर अग्रवाल, तनुज भसीन, सलिल बंसल, मनोज पंजाबी, पीयूष अग्रवाल, धनंजय विक्रम सिंह, सनी मेहरोत्रा, डॉ. मनीष शर्मा, राजीव आनंद, सुनीत मूना, सीए प्रशांत अग्रवाल सहित काफी उद्यमियों ने सहभागिता की। आई. आई. ए. बरेली चैप्टर द्वारा केन्द्रीय बजट 2026 पर परिचर्चा कर बजट की सर्वसम्मति से सराहना की गई। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आई.आई.ए.) बरेली चैप्टर के तत्वावधान में उद्यमी बंधुओं एवं मीडिया प्रतिनिधियों के साथ केन्द्रीय बजट 2026 का सजीव प्रसारण सामूहिक रूप से देखा गया। बजट प्रस्तुति के उपरांत उपस्थित उद्यमियों द्वारा बजट पर विस्तार से परिचर्चा की गई तथा सभी ने अपनी-अपनी त्वरित प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं।चैप्टर चेयरमैन मयूर धीरवानी जी ने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026 अत्यंत अग्रगामी एवं उद्योग- हितैषी है।

बजट में एम एस एम ई को “चैम्पियन” के रूप में स्थापित करने की मंशा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिससे यह सिद्ध होता है कि सरकार एम एस एम ई सेक्टर को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए उसके सशक्तिकरण के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कर प्रणाली को सरल बनाने से उद्यमियों को सुगमता मिलेगी और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को वास्तविक रूप में बल मिलेगा।चैप्टर सचिव रजत मेहरोत्रा ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट एम एस एम ई, उद्योग और उद्यमिता को मजबूती प्रदान करने वाला है। बजट में ऋण सुविधा, क्रेडिट गारंटी, स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन, डिजिटल इंडिया तथा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर फोकस किया गया है, जो आने वाले समय में उद्योगों के विस्तार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाएगा।चैप्टर कोषाध्यक्ष आशीष गुप्ता जी ने कहा कि बजट में रोजगार सृजन, स्किल डेवलपमेंट और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने वाले प्रावधानों से लघु एवं मध्यम उद्योगों को नई दिशा और ऊर्जा प्राप्त होगी। बैंकिंग सुधारों एवं आसान वित्तीय पहुंच से उद्यमियों को अपने व्यवसाय के विस्तार में उल्लेखनीय सहायता मिलेगी।परिचर्चा के दौरान उपस्थित सभी सदस्यों ने एकमत होकर केन्द्रीय बजट 2026 की सराहना की तथा यह मत व्यक्त किया कि यह बजट उद्योग, व्यापार एवं समग्र अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक दिशा में एक मजबूत कदम है, जो भारत के सतत एवं समावेशी विकास को गति प्रदान करेगा।बजट कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज गोयल, सी. ई. सी. सदस्य विमल रिवाड़ी, राष्ट्रीय सचिव तनुज भसीन, एस. के. सिंह, मनोहर लाल धीरवानी, मनोज पंजाबी (डिविजनल सेक्रेटरी), धनंजय विक्रम सिंह (कैप्टन आई. वाई. सी.), शेखर अग्रवाल, तेजेंद्र सिंह, तुषार गोयल, जितेंद्र सिंह, पीयूष अग्रवाल, डॉ. मनीश शर्मा, डॉ. रतन गंगवार, रवि अग्रवाल, राजीव आनंद, सुनीत मूना, अमन अरोड़ा, प्रियंक वर्मा, अशोक मित्तल, अजय शुक्ला, सलिल बंसल, शुभम अग्रवाल, अंकित बंसल सहित अनेक सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे। निर्भय सक्सेना













































































