बरेली। स्वामी डॉ. उमाकांतानंद सरस्वती महाराज के सान्निध्य में आयोजित श्री राम कथा के पांचवें दिन कथा स्थल भक्ति और ज्ञान के दिव्य भाव से ओतप्रोत रहा। महाराज जी ने नारद मुनि के चरित्र, कैलाश पर्वत पर भगवान कार्तिकेय एवं श्री गणेश की उत्पत्ति तथा तारकासुर के संहार का मार्मिक वर्णन किया।स्वामी जी ने कहा कि ज्ञान, भक्ति और धैर्य मानव जीवन को सार्थक बनाते हैं। नारद मुनि के जीवन प्रसंग के माध्यम से उन्होंने निष्काम भक्ति, वैराग्य और सत्य मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। मनु महाराज के वृद्धावस्था में वनगमन को उन्होंने ज्ञान-भक्ति का सजीव उदाहरण बताया।कथा के दौरान भगवान कार्तिकेय द्वारा तारकासुर के संहार का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। महाराज जी ने कहा कि यह कथा बुराई पर अच्छाई की विजय और अधर्म के विनाश का प्रतीक है।यह श्री राम कथा डिवाइन श्री राम इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट, हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। कथा 28 जनवरी से 3 फरवरी तक श्री हरि मंदिर, मॉडल टाउन, बरेली में प्रतिदिन आयोजित हो रही है। पांचवें दिन के यजमान प्रदीप सिंह चौहान रहे।कार्यक्रम में पूजा सेवा संस्थान, रोटरी क्लब ऑफ बरेली नॉर्थ, आर्ट एरेना एवं श्री हरि मंदिर प्रबंध समिति का विशेष सहयोग रहा। आयोजन में अनेक गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु एवं शाश्वतम् परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।