गांधी जयंती पर किसानों का अडिग संकल्प, सत्याग्रह 14वें दिन में प्रवेश; संघर्ष और तेज करने का ऐलान
बरेली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि (शहीद दिवस) के अवसर पर 30 जनवरी को चौकी चौराहा स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा पार्क गांधी पार्क में चल रहे अनिश्चितकालीन किसान सत्याग्रह एवं धरना प्रदर्शन ने 14वें दिन में प्रवेश कर लिया। इस पवित्र अवसर पर किसानों ने गांधी जी के सिद्धांतों सत्य, अहिंसा और न्याय पर चलते हुए अपने आंदोलन को और अधिक मजबूती देने का संकल्प दोहराया।
धरने की शुरुआत गांधी जी के प्रिय वैष्णव भजन “वैष्णव जन तो तेने कहिए जे पीड़ पराई जाणे रे…” से की गई, जिसने सत्याग्रह स्थल पर करुणा, संवेदना और अहिंसक संघर्ष की भावना को और प्रबल किया। यह आंदोलन उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के ग्राम बगरैन थाना बजीरगंज, जनपद बदायूं स्थित गोदाम से लगभग 10 हजार क्विंटल धान-गेहूं , बीज के कथित रूप से लूट, धोखाधड़ी और गायब होने के विरोध में चल रहा है। किसानों के अनुसार इस घोटाले की अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ रुपये है, जिससे चार हजार से अधिक किसान और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) प्रभावित हुए हैं।किसानों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस, विशेष रूप से थाना बजीरगंज स्तर पर मिलीभगत के कारण यह बड़ा फर्जीवाड़ा संभव हुआ। तहरीर दिए जाने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज न होने से आक्रोश बढ़ा और धरना शुरू किया गया। राष्ट्रपति भवन द्वारा याचिका स्वीकार किए जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई न होने से आंदोलन और अधिक दृढ़ हो गया है।किसान नेता डॉ. हरीश गंगवार ने कहा कि कोई भी किसान पीछे हटने वाला नहीं है और रणनीतिक रूप से संघर्ष को और तेज किया जाएगा, जब तक प्रभावित किसानों को उनका पूरा हक विशेषकर 4 करोड़ रुपये की राशि नहीं मिल जाती। उन्होंने कहा कि यह सत्याग्रह पूरी तरह गांधीवादी तरीके से, अहिंसक और अनुशासित रहेगा।
महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट ने प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों से तत्काल निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई, गायब बीज , राशि की वसूली और किसानों को न्याय दिलाने की मांग की।आंदोलन को मजबूती देने के लिए भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष विपिन पटेल, आंदोलन संयोजक डॉ. हरीश गंगवार, कृष्णकांत शर्मा, पंडित राज शर्मा, जगदीश सरन, जाहिद अली, हरवीर सिंह बाबी, रमेश चंद्र नरायन, ओमपाल गंगवार, कमरद्दीन सैफी, उल्फत सिंह कठेरिया, प्रो. यशपाल सिंह, कमर गनी, अनिल पांडेय, तनवीर अहमद, रविन्द्र चौधरी, दिनेश कुमार, साहिब सिंह, महेन्द्र पाल गंगवार, विनोद कुमार, आशीष कुमार, जितेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।













































































