बदायूँ में सवर्ण समाज की महिलाएं यूजीसी बिल के विरोध में सड़क पर उतरी,विरोध-प्रदर्शन किया
बदायूँ। अखिल भारतीय .वैश्य महिला कुटुंब एवं अखिल भारतीय सर्व समाज महिला कुटुंब की संस्थापिका डॉ प्रतिभा गुप्ता एड. के नेतृत्व में भामाशाह चौक पर यूजीसी एक्ट 2026 के विरोध में सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध व्यक्त किया गया। डॉ प्रतिभा गुप्ता ने सांकेतिक धरने के दौरान कहा कि हम अपनी सभी सखियों के साथ आज यहां एक महत्वपूर्ण विषय UGC 2026 के विरोध में अपनी आवाज उठाने के लिए एकत्रित हुए हैं।

यह आवाज किसी टकराव की नहीं, बल्कि सवर्ण छात्र/छात्राओं के शिक्षा ,अधिकार और भविष्य की रक्षा की आवाज है। यूजीसी से जुड़े नए प्रावधानों, को लेकर देश भर में छात्र शिक्षक और शिक्षा से जुड़े लोग चिंतित है । हम लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में रहकर यूजीसी एक्ट 2026 कड़ा विरोध करते रहेंगे। हमारा उद्देश्य किसी भी वर्ग का विरोध करना नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा व्यवस्था न्याय पूर्ण ,संतुलित और पारदर्शी बनी रहे। सर्व समाज महिला कुटुंब की वरिष्ठ जिला उपाध्यक्षा महिषा सिंह ने कहा कि हम आज उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू किये जा रहे नए नियमों UGC ACT 2026 पर अपनी चिंता व्यक्त करते हैं।हम सब मानते हैं कि किसी भी प्रकार का भेदभाव अस्वीकार्य है। विश्वविद्यालय ऐसे स्थान होने चाहिए जहां हर छात्र सुरक्षित सम्मानित और समर्थ महसूस करें। लेकिन इसके साथ-साथ यह भी उतना ही आवश्यक है कि नियम बनाते समय निष्पक्ष प्रक्रिया और सभी छात्रों के अधिकारों की समान सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। जिला उपाध्यक्ष पूनम गुप्ता ने कहा कि शिक्षा का वातावरण विश्वास और स्वतंत्र संवाद पर आधारित हो, भय या अनिश्चितता पर नहीं । हम न्याय के साथ हैं ,हम संतुलन के साथ हैं,हम ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं जहां पर हर छात्र सुरक्षित भी हो और निष्पक्ष व्यवहार भी पाए। विरोध प्रदर्शन के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी UGC ACT 2026 के विरोध में अपनी बात रखी ।
विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में महिला कुटुंब की पदाधिकारी डॉ ममता नौगरैया ,डॉ प्रतिभा गुप्ता एड. महिषा सिंह , रेखा वैश्य, इंदिरा अरोड़ा, मीना ,कंचन ,भावना, पूनम निशा , चंद्रा , डॉ मेघा अग्रवाल कुसुम ,अंजलि ,सोनिया ,सीमा ,वर्षासुमन, रजनी ,राजकुमारी ,सुनीता मिश्रा इत्यादि ने जोरदार विरोध के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।













































































