नासिक। महाराष्ट्र के नासिक में सोमवार को गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन के भाषण में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख नहीं किया गया। राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद मंत्री संबोधित कर रहे थे, तभी वन विभाग की कर्मचारी माधवी जाधव ने बीच में आपत्ति जताते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस संविधान का उत्सव है और ऐसे मौके पर डॉ. आंबेडकर का नाम न लेना अनुचित है। विरोध के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया और माधवी जाधव को कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया। जाधव ने आरोप लगाया कि मंत्री ने अपने भाषण में ऐसे लोगों का नाम लिया जिनका संविधान निर्माण से कोई संबंध नहीं है, जबकि बाबासाहेब आंबेडकर का जिक्र तक नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर की बदौलत ही उन्हें सरकारी नौकरी मिली है और वह माफी नहीं मांगेंगी, चाहे प्रशासन उन्हें निलंबित ही क्यों न कर दे। घटनाक्रम के बाद मंत्री गिरीश महाजन ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे अनजाने में हुई चूक बताया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और ‘छत्रपति शिवाजी महाराज की जय’ के नारे लगाते समय डॉ. आंबेडकर का नाम लेना रह गया, जिसका कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं था। इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। मुंबई सांसद और कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस संविधान का पर्व है और उसके निर्माताओं को भूल जाना सत्ताधारी दल की सोच को दर्शाता है। उन्होंने माधवी जाधव के विरोध को हर स्वाभिमानी मराठी नागरिक की भावना बताते हुए कहा कि सत्ता के नशे में चूर ऐसे मंत्रियों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।