बदायूं में नीम के पेड़ की जड़ में रहस्यमयी ढंग से आग लगी,लोग कर रहे पूजा-पाठ, आस्था या अंधविश्वास?

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बदायूं । उघैती थाना क्षेत्र के गांव शरह बरौलिया में उस वक्त कौतूहल बन गया जब भोलेनाथ के प्राचीन मंदिर के सामने एक नीम का पेड़ आग उगलने लगा। जैसे ही नीम के जड़ में जल रही आग और पेड़ पूरी तरह सुरक्षित होने की खबर गांव व आसपास के गांवों में फैली। तो लोगों की बड़ी तादाद में भीड़ इक्ठा हो गई।

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लगभग 18 घंटों तक लगातार जली आग अब पूरी तरह बुझ चुकी है। लेकिन इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही है। दरअसल गांव शरह बरौलिया में प्राचीन भोलेनाथ का मंदिर है। यहां हर साल महाशिव रात्रि पर भव्य मेला लगाता है। हजारों की संख्या में भक्तजन आकर यहां भगवान भोलेनाथ के प्राचीन मंदिर में भोलेनाथ की मूर्ति पर जलाभिषेक कर पूण्य लाभ अर्जित करते हैं। इस मंदिर में एक बहुत पुरानी गुफा बनी हुई है। और एक विशाल वन है।अक्सर श्रद्धालुओं का आवागमन यहां बना रहता है। बीते शुक्रवार को शरह बरौलिया में सिद्ध बाबा भोलेनाथ के मंदिर पर चल रहे लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दौरान मंदिर के ठीक सामने खड़े नीम के पेड़ की जड़ में रहस्यमयी ढंग से आग की चिंगारी निकलने लगी। जबकि पेड़ पूरी तरह सुरक्षित था। आग अंदर से जलती हुई नजर आ रही थी। खबर फैलते ही भीड़ जमा हो गई और फिर आस्था कहे या अंधविश्वास कुछ लोग पूजा-पाठ कर नीम के पेड़ की परिक्रमा करने लगे। ये सिलसिला शुक्रवार सुबह लगभग आठ बजे से शुरू हुआ और देर-रात तक चलता रहा। अद्भुत नाजारा देख मौके पर पहुंचे कुछ लोगों ने आग को बुझाने की कोशिश लेकिन घंटों तक आग नहीं बुझी। चमत्कार की चर्चा शुरू हुई तो महिलाओं और बच्चे समेत तमाम लोगों ने पूजा-पाठ शुरू कर दी और पेड़ की परिक्रमा शुरू कर दी।
प्रत्यक्ष दर्शी कुछ लोगों का कहना है कि ये सिद्ध बाबा, भोलेनाथ का प्राचीन स्थल है। कई बीघा में यहां विशाल वन है और एक गुफा है। गुफा को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं है। बीती शुक्रवार सुबह नीम के पेड़ की जड़ से रहस्यमय आग निकलने के बाद भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई और कौतूहल का केंद्र बन गईं। कोई इसे आस्था का केंद्र बताने लगा तो कोई इसे किसी कैमिकल्स का किसी अज्ञात द्वारा उपयोग मानकर हरकत बता रहा था। सबके अलग-अलग मत थे लेकिन अब आग बुझ चुकी इसलिए आस्था के चलते लोग पूजा-पाठ कर रहें तो कुछ इसे अंधविश्वास बता रहें है।

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