सहारनपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: संग्रह अमीन ने मां, पत्नी और दो बेटों की हत्या कर खुद को गोली मारी, ऑडियो में बोला– मजबूरी थी
सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र की कौशिक विहार कॉलोनी में सोमवार रात एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहशत और मातम में डुबो दिया। नकुड़ तहसील में तैनात संग्रह अमीन अशोक राठी (40) ने पहले अपनी मां विद्यावती (70), पत्नी अंजिता (35) और दो बेटों कार्तिक (16) व देव (13) की गोली मारकर हत्या कर दी, फिर खुद को भी गोली मार ली। घटना से पहले अशोक ने अपनी दो बहनों को व्हाट्सएप पर करीब छह–सात ऑडियो संदेश भेजे, जिनमें एक 1 मिनट 18 सेकंड का संदेश सबसे अहम बताया जा रहा है। इसमें वह बार-बार अपनी “मजबूरी” का जिक्र करते हुए माफी मांगता सुनाई दे रहा है।

पुलिस के मुताबिक, यह ऑडियो मैसेज मंगलवार तड़के करीब 3:52 बजे भेजे गए। ऑडियो में अशोक कहता है कि उसने बहुत बड़ी गलती कर दी, वह इतना मजबूर हो गया था कि सभी को साथ लेकर मरने का फैसला करना पड़ा। उसने बहनों से कहा कि उसके जाने के बाद रक्षाबंधन, भैयादूज और भात पहले की तरह भरना और जो काम उसने अधूरे छोड़े हैं, उन्हें पूरा करना। उसने यह भी कहा कि वह अपनी मजबूरी किसी को बता नहीं सका।
मंगलवार सुबह जब बहन पिंकेश ने मैसेज देखा तो उसने अपने बेटे प्रीत को भाई के घर भेजा। दरवाजा बंद मिलने पर परिवार के लोग सीढ़ी लगाकर रसोई की खिड़की तोड़कर अंदर घुसे। अंदर का मंजर देख सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। एक ही कमरे में बिस्तर पर मां, पत्नी, दोनों बेटे और अशोक के शव पड़े थे। अशोक के सीने और कनपटी पर गोली के निशान मिले, जबकि बाकी चारों के सिर और सीने में सटाकर गोली मारी गई थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से तीन देसी पिस्टल बरामद की हैं, जिनका कोई लाइसेंस नहीं मिला। यह भी जांच का विषय बना हुआ है कि अशोक के पास तीन अवैध हथियार कहां से आए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सभी की मौत गोली लगने से होने की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, अशोक को पहले सीने में और फिर कनपटी पर गोली मारी गई, जिससे उसकी मौत हुई।
एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत से गांव खारीबांस और कौशिक विहार कॉलोनी में शोक की लहर दौड़ गई। बहनें पिंकेश और मोना घटनास्थल पर पहुंचकर बार-बार यही कहती रहीं कि काश भाई ने अपनी परेशानी एक बार बता दी होती। दोनों बहनें रो-रोकर बेसुध हो गईं। पड़ोसियों का कहना है कि पिछले दिनों किसी बड़े विवाद या तनाव के संकेत नहीं दिखे थे, जिससे यह घटना और भी चौंकाने वाली बन गई।
मृतक बेटों कार्तिक और देव को लोग होनहार और अनुशासित छात्र बता रहे हैं। कार्तिक सीएस दयानंद इंटर कॉलेज, अंबहेटा में कक्षा 10 का छात्र था और हाल ही में प्री-बोर्ड परीक्षा दे चुका था। देव सरसावा के एमटीएस पब्लिक स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ता था और खेलों में खास रुचि रखता था। दोनों की मौत ने स्कूल और मोहल्ले के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अशोक पिछले कुछ समय से अवसाद में था। करीब एक माह पहले उसने किराए पर चलाने के लिए जेसीबी मशीन खरीदी थी, ताकि आर्थिक स्थिति मजबूत कर सके। वहीं, यह बात भी सामने आई है कि वह गांव में मां के साथ रहना चाहता था, जबकि पत्नी और बच्चे शहर के नए मकान में शिफ्ट होने के पक्ष में थे, इसे लेकर हाल में विवाद भी हुआ था। हालांकि, असली वजह क्या थी, यह अभी साफ नहीं हो सका है।
यह खौफनाक घटना अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई है—आखिर वह कौन-सी मजबूरी थी, जिसके सामने पांच जिंदगियों की कीमत शून्य हो गई, अवैध हथियार कहां से आए और क्या यह सब पहले से योजनाबद्ध था। पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।













































































