उत्तराखंड में अफसरशाही में बड़ा फेरबदल, 19 आईएएस व 11 पीसीएस अफसरों के तबादले
देहरादून। धामी सरकार ने शनिवार को अफसरशाही में बड़ा बदलाव करते हुए 19 आईएएस और 11 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। आवास, स्वास्थ्य, पेयजल, सहकारिता, आयुष और नियोजन जैसे अहम विभागों के सचिव बदले गए हैं। साथ ही हाल ही में पदोन्नत होकर सचिव बने अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम से आवास और नगर विकास प्राधिकरण से जुड़ी जिम्मेदारियां हटाई गई हैं, जबकि उन्हें कोई नया विभाग नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री सचिव शैलेश बगौली से पेयजल हटाकर रणवीर सिंह चौहान को सौंपा गया है। रणवीर सिंह चौहान से राज्य संपत्ति और आयुक्त खाद्य का प्रभार हटाया गया है।
सचिव सचिन कुर्वे को नागरिक उड्डयन के साथ चिकित्सा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुक्त स्वास्थ्य और प्रोजेक्ट डायरेक्टर हेल्थ सिस्टम की जिम्मेदारी दी गई है। सचिव वित्त दिलीप जावलकर से निदेशक ऑडिट का प्रभार हटाया गया है। पशुपालन सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम से सहकारिता हटाकर हाल ही में सचिव बने डॉ. अहमद इकबाल को दी गई है। सचिव डॉ. आर राजेश कुमार से स्वास्थ्य विभाग हटाकर उन्हें आवास और राज्य संपत्ति समेत नगर विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी से सचिवालय प्रशासन और आयुष विभाग हटाया गया है। सचिव विनोद कुमार सुमन से सामान्य प्रशासन और आपदा से जुड़े प्रोजेक्ट का प्रभार हटाया गया। सचिव रंजना राजगुरु को आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग सौंपा गया है। सचिव आनंद स्वरूप को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। सचिव देव कृष्ण तिवारी को नियोजन, उमेश नारायण पांडेय को पुनर्गठन व भाषा विभाग तथा राजेंद्र कुमार को सामान्य प्रशासन विभाग सौंपा गया है।
नैनीताल की मुख्य विकास अधिकारी अनामिका को फिलहाल बाध्य प्रतीक्षा में रखा गया है। आईएएस प्रवीण कुमार की बाध्य प्रतीक्षा समाप्त कर उन्हें शहरी विकास में नई जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार ने 11 पीसीएस अधिकारियों के भी तबादले किए हैं। अरविंद पांडे को नैनीताल का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। विभिन्न जिलों में एसडीएम स्तर पर भी बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है, जिसमें हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, पिथौरागढ़, बागेश्वर और ऊधमसिंह नगर शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि यह प्रशासनिक बदलाव कार्यकुशलता बढ़ाने और विभागीय कामकाज को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।













































































