बरेली। नाथ नगरी बरेली एक बार फिर देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक खुशबू से सराबोर होने जा रही है। बरेली क्लब मैदान में 13, 14 और 15 जनवरी को 30वां तीन दिवसीय उत्तरायणी मेला आयोजित किया जाएगा। यह मेला प्रातः 10 बजे से रात्रि 8 बजे तक निःशुल्क प्रवेश के साथ आमजन के लिए खुला रहेगा। आयोजकों के अनुसार यह मेला अब उत्तर भारत का नंबर-1 उत्तरायणी मेला बन चुका है। इस बार मेले के मुख्य प्रायोजक उत्तराखण्ड के ताड़ीखेत (रानीखेत) से कृषक ऑर्गेनिक के संजीव बिष्ट हैं, जिनके बद्री घी, सीबुकथॉर्न और जंगली शुद्ध शहद जैसे उत्पाद दर्शकों को आकर्षित करेंगे। मेले में लगभग 150 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिन पर पहाड़ी खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प और ऊनी वस्त्र उपलब्ध रहेंगे। 13 जनवरी को प्रातः 10 बजे महापौर उमेश गौतम कोतवाली से रंग-यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ढोल-नगाड़ों, रणसिंघा, मसकबीन और छोलिया नृत्य के साथ यह यात्रा शहर से होती हुई मेला मैदान पहुंचेगी। उसी दिन उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं महामंडलेश्वर स्वामी वीरेंद्रानंद महाराज द्वारा मेले का उद्घाटन किया जाएगा। स्मारिका का विमोचन दोपहर 3 बजे होगा। दूसरे दिन उद्घाटन उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तथा दीप प्रज्ज्वलन विधायक विशन सिंह चुफाल करेंगे। तीसरे दिन पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और सांसद अजय भट्ट कार्यक्रम में शामिल होंगे। सांस्कृतिक संध्याओं में फौजी ललित मोहन जोशी, किशन महिपाल, रोहित चौहान सहित कई प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। उत्तरायणी मेला केवल पर्वतीय संस्कृति का उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और विकास का भी प्रतीक बन चुका है, जिसमें समस्त रुहेलखण्ड की भागीदारी देखने को मिलेगी।